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दिल्ली की कोंडली विधानसभा में पानी की भारी किल्लत के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने मटका फोड़ प्रदर्शन किया। AAP ने भाजपा सरकार पर जल संकट को लेकर अनदेखी का आरोप लगाया है।
दिल्ली के कोंडली विधानसभा क्षेत्र में पानी का भारी संकट गहरा गया है। पीने के पानी की बूंद-बूंद को तरस रही जनता का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। इस जल संकट के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार के खिलाफ ‘हल्ला बोल’ करते हुए एक जोरदार ‘मटका फोड़’ प्रदर्शन का आयोजन किया है।
मयूर विहार में AAP का शक्ति प्रदर्शन
दिल्ली में पानी का भारी संकट, प्यासी जनता का निकम्मी भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोल🔥
दिल्ली की कोंडली विधानसभा में पानी की भारी समस्या के खिलाफ AAP का ज़ोरदार ‘मटका फोड़’ विरोध प्रदर्शन
📅 29 मई 2026
🕙 सुबह 10:00 बजे
📍मयूर विहार फेज–2, दिल्ली जल बोर्ड कार्यालय के बाहर… pic.twitter.com/PNNM7E6zcG— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) May 27, 2026
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन 29 मई 2026 को सुबह 10:00 बजे मयूर विहार फेज–2 स्थित दिल्ली जल बोर्ड (DJB) कार्यालय के बाहर आयोजित किया गया। प्रदर्शन में स्थानीय निवासियों और आप कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने खाली मटके फोड़कर भाजपा सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
‘भाजपा की कुप्रबंधन नीति है जिम्मेदार’
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दिल्ली में पानी की समस्या का प्रमुख कारण भाजपा का कुप्रबंधन है। आप नेताओं का कहना है कि जल बोर्ड की कार्यप्रणाली में बाधा डालकर भाजपा दिल्ली की जनता को प्यासा रखने की साजिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
जनता का बढ़ता आक्रोश
कोंडली विधानसभा के निवासियों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में पानी की किल्लत से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। महिलाओं को लंबी दूरी तय कर पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय जनता ने मांग की कि जल बोर्ड कार्यालय को तत्काल सक्रिय किया जाए और हर घर तक पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
क्या है AAP का रुख?
आम आदमी पार्टी ने इसे ‘भाजपा की निकम्मी सरकार’ के खिलाफ एक जन-आंदोलन बताया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली की जनता के बुनियादी अधिकारों के लिए वे हर स्तर पर लड़ने के लिए तैयार हैं। AAP के अनुसार, केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने वाली एजेंसियां जानबूझकर जलापूर्ति में कटौती कर रही हैं ताकि दिल्ली की चुनी हुई सरकार को बदनाम किया जा सके।