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NEET के बाद अब CBSE मूल्यांकन विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा। शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग करते हुए इसे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
नीट (NEET) विवाद के बाद अब सीबीएसई (CBSE) की मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई कथित गड़बड़ियों ने देश भर के छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को “अक्षम और नकारा” करार दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।
“लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में”
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में कहा कि सीबीएसई मूल्यांकन में जो बड़े स्तर पर गड़बड़ियाँ सामने आई हैं, उन्होंने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने कहा, “पहले नीट (NEET) में धांधली और अब सीबीएसई मूल्यांकन में इतना बड़ा घोटाला। एक शिक्षा मंत्री ने पूरे देश के बच्चों को दुखी और मानसिक तनाव में डाल रखा है। ऐसे मंत्री को एक पल भी पद पर रहने का अधिकार नहीं है।”
केजरीवाल की प्रमुख मांगें
सीबीएसई विवाद पर छात्रों के बढ़ते विरोध और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सरकार के सामने चार मुख्य बिंदु रखे हैं:
- मैनुअल री-इवैल्यूएशन: जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें मैनुअल तरीके से उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन करने का विकल्प दिया जाए।
- शुल्क माफी: पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए इससे संबंधित शुल्क को पूरी तरह से माफ किया जाए।
- OSM प्रणाली का खात्मा: सीबीएसई द्वारा अपनाई गई ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रक्रिया को पूरी तरह से रद्द किया जाए, क्योंकि इसमें तकनीकी खामियों के कारण छात्रों के परिणाम प्रभावित हुए हैं।
- शीघ्र समाधान: री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए ताकि छात्रों का कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया (Admission process) प्रभावित न हो।
तकनीकी खामियों पर सवाल
केजरीवाल ने छात्रों द्वारा रिपोर्ट की जा रही तकनीकी दिक्कतों का हवाला देते हुए सिस्टम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “छात्रों को पोर्टल पर लॉग-इन करने में घंटों लग रहे हैं, पेमेंट गेटवे काम नहीं कर रहे हैं और जो स्कैन की गई प्रतियां (Scanned Copies) अपलोड की गई हैं, वे धुंधली हैं। क्या इसी तरह हम 21वीं सदी के भारत का निर्माण करेंगे?” उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि मूल्यांकन प्रक्रिया डिजिटल है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में विसंगतियां क्यों देखने को मिल रही हैं?
“नीट से सीबीएसई तक, सब में धांधली”
केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘शिक्षा प्रणाली की विफलता’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि पहले नीट परीक्षा में पेपर लीक और धांधली हुई, और अब सीबीएसई के मूल्यांकन में बड़े घोटाले ने छात्रों के आत्मविश्वास को तोड़ दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाकर जवाबदेही तय करें।