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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारनौल के नसीबपुर में शहीद स्मारक बनाने की घोषणा की। यह स्मारक अहीरवाल के शहीदों के बलिदान की गाथा को दुनिया के सामने लाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वतंत्रता संग्राम में अहीरवाल क्षेत्र के अभूतपूर्व योगदान को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नारनौल के नसीबपुर में एक भव्य शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा, जो 1857 की क्रांति और आजादी की लड़ाई में अहीरवाल के वीरों के संघर्ष व बलिदान का प्रतीक बनेगा।
बलिदान की गाथा से रूबरू होंगे युवा
भारत की आजादी की लड़ाई में अहीरवाल के संघर्ष व बलिदान को दुनिया के सामने लाने के लिए नारनौल के नसीबपुर में भव्य शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। इसके माध्यम से अधिक से अधिक व्यक्ति यहां आकर अहीरवाल के शहीदों के बलिदान से रूबरू हो सकेंगे।
– श्री @NayabSainiBJP, मुख्यमंत्री… pic.twitter.com/pDPQy3fPG2
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 21, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस स्मारक के निर्माण का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है। उन्होंने कहा, “भारत की आजादी की लड़ाई में अहीरवाल के योद्धाओं का संघर्ष अतुलनीय रहा है। इस भव्य स्मारक के माध्यम से अधिक से अधिक लोग यहाँ आकर न केवल शहीदों के बलिदान को याद कर सकेंगे, बल्कि उनके शौर्य और वीरता से रूबरू होकर देशप्रेम की भावना को भी आत्मसात कर सकेंगे।”
इतिहास को मिलेगी वैश्विक पहचान
नसीबपुर का क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अपनी एक अलग ही छाप रखता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह स्मारक केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि प्रेरणा का केंद्र होगा। राज्य सरकार इस स्मारक को आधुनिक सुविधाओं और ऐतिहासिक संदर्भों के साथ विकसित करेगी, जिससे यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल और ऐतिहासिक शोध का केंद्र बन सके।
सरकार की प्राथमिकता: शहीदों का सम्मान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जोर देते हुए कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनकी स्मृतियों को संजोकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। अहीरवाल क्षेत्र के लोग हमेशा से देश की रक्षा में सबसे आगे रहे हैं, और नसीबपुर का शहीद स्मारक उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है। इस घोषणा के बाद स्थानीय निवासियों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों में काफी उत्साह है।
राज्य सरकार जल्द ही इस परियोजना का खाका तैयार कर निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाएगी, ताकि जल्द ही यह स्मारक बनकर तैयार हो सके और राष्ट्र को समर्पित किया जा सके।