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हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने “श्रममित्र” ऐप लॉन्च किया। अब राज्य के श्रमिक और नियोक्ता घर बैठे डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। जानें इसकी मुख्य विशेषताएं।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के स्कूलों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक में शिक्षा मंत्री भी उपस्थित रहे।
25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश
श्रम मंत्री श्री अनिल विज चंडीगढ़ में राज्य के श्रमिकों एवं श्रम-नियोक्ताओं को आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत “श्रममित्र” ऐप का शुभारंभ करते हुए। #Haryana #DIPRHaryana pic.twitter.com/r4OSnokjmr
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 20, 2026
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में आगामी 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) रहेगा। भीषण गर्मी को देखते हुए यह फैसला विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
शिक्षकों के लिए नए दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि अब सरकारी स्कूलों का कोई भी अध्यापक कक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेगा। यह निर्णय पठन-पाठन की गुणवत्ता को सुधारने और छात्रों का पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
पाठ्यक्रम में शामिल होगा ‘श्रमदान’
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्कूली पाठ्यक्रम में ‘श्रमदान’ को शामिल किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भाव और अनुशासन की भावना विकसित करना है। सरकार का मानना है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ श्रम का महत्व समझना भी विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सरकार की प्राथमिकता: बेहतर शिक्षा और अनुशासन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि हरियाणा में शिक्षा का स्तर विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार से लेकर शिक्षकों के व्यवहार और पाठ्यक्रम में बदलाव तक, सभी कदम बच्चों को बेहतर भविष्य देने की दिशा में उठाए जा रहे हैं। इन नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।