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‘आप’ नेता दीपक सिंगला के ठिकानों पर ED की छापेमारी पर भड़की आम आदमी पार्टी। कहा- सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर मोदी जी अर्थव्यवस्था की नाकामी छुपा रहे हैं।
“जांच एजेंसियां बनीं पर्सनल गुंडे, गिरती अर्थव्यवस्था को नहीं संभाल पा रहे मोदी जी”: दीपक सिंगला पर ED रेड पर भड़की AAP
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विश्वास नगर विधानसभा से प्रत्याशी रहे दीपक सिंगला (Deepak Singla) के दिल्ली और गोवा स्थित ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई छापेमारी को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। ‘आप’ ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और चुनाव आयोग (EC) जैसी संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल अपने “पर्सनल गुंडों” की तरह कर रहे हैं।
पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि इस तानाशाही रवैये का एकमात्र मकसद विपक्ष के नेताओं को डराना और उन्हें चुनाव जीतने से रोकना है। लेकिन प्रधानमंत्री इस बात को भूल रहे हैं कि वह विपक्ष को तो दबा सकते हैं, मगर देश की बदहाल अर्थव्यवस्था और डॉलर के मुकाबले रुपये की लगातार गिरती इज्जत को संभाल पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।
बैंक फ्रॉड के पुराने और झूठे मामले को री-साइकल कर रही है ED: आम आदमी पार्टी
ED CBI और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को अपने पर्सनल गुंडों की तरह इस्तेमाल करके मोदी जी विपक्ष के नेताओं को चुनाव जीतने से रोक सकते हैं ..
लेकिन देश की अर्थव्यव्स्था को, रुपए की गिरती इज्जत को नहीं संभाल सकते। https://t.co/YwS0lR85Ri
— Manish Sisodia (@msisodia) May 18, 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की इस कार्रवाई पर विस्तृत जानकारी देते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा कि सोमवार सुबह से ही जांच एजेंसी की टीमों ने दिल्ली के साथ-साथ गोवा में ‘आप’ के संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और दीपक सिंगला के परिसरों पर छापेमारी शुरू की है। जांच एजेंसी द्वारा इसे एक कथित बैंक लोन फ्रॉड (Bank Loan Fraud) से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला बताया जा रहा है।
‘आप’ ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने की एक पुरानी स्क्रिप्ट है। इससे पहले भी साल 2024 में इसी तरह के मनगढ़ंत आरोपों के तहत दीपक सिंगला के घर पर छापेमारी की गई थी, लेकिन तब भी केंद्रीय एजेंसियों को कुछ हासिल नहीं हुआ था। अब जब गोवा में आम आदमी पार्टी का जनाधार और संगठन तेजी से मजबूत हो रहा है, तो राजनीतिक द्वेष के चलते इसी मामले को दोबारा री-साइकल करके डराने का खेल खेला जा रहा है।
“विपक्ष को रोकने की जिद, पर देश की अर्थव्यवस्था पर चुप्पी”
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की पूरी ऊर्जा और सरकारी तंत्र का उपयोग केवल विपक्षी नेताओं पर फर्जी केस लादने, उनके संगठनात्मक डेटा चुराने और लोकतंत्र को कमजोर करने में हो रहा है।
‘आप’ ने तंज कसते हुए कहा कि काश मोदी सरकार ने जितनी मुस्तैदी विपक्षी नेताओं के घरों पर छापे मारने में दिखाई है, उतनी सूझबूझ देश की आर्थिक नीतियों को सुधारने में दिखाई होती। आज देश का आम नागरिक कमरतोड़ महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है, भारतीय रुपया अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने सबसे निचले स्तर पर है, लेकिन प्रधानमंत्री के पास अर्थव्यवस्था को संभालने की न तो कोई दूरदर्शिता है और न ही कोई ठोस योजना। आम आदमी पार्टी ने साफ किया कि वह इन फर्जी छापों और मुकदमों से डरने वाली नहीं है और जनता की अदालत में भाजपा के इस दमन का करारा जवाब देगी।