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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की 5 वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा की। हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और क्रेच सेंटर खोलने के निर्देश दिए।
हरियाणा विजन-2047: हर जिले में खुलेंगे कामकाजी महिला हॉस्टल और क्रेच सेंटर, CM नायब सैनी ने तय किया बड़ा लक्ष्य
हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर एक बड़े रोडमैप पर काम कर रही है। ‘हरियाणा विजन-2047’ के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की आगामी 5 वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कई ऐतिहासिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी जिलों में कामकाजी महिलाओं (Working Women) के लिए हॉस्टल और उनके बच्चों की देखभाल के लिए आधुनिक क्रेच सेंटर (Crèche Centres) स्थापित किए जाएं, ताकि कामकाजी महिलाओं को कार्यस्थल के साथ-साथ रहने के लिए भी एक सुरक्षित, स्वस्थ और सहायक वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में हुई इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि महिला और बच्चे किसी भी समाज व राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाए बिना एक मजबूत समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
जिलावार तैयार होगा ‘वुमन एम्पावर इंडेक्स’
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने महिला एवं बाल विकास विभाग की आगामी 5 वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और उनके बच्चों के लिए क्रेच सेंटर खोले जाएं, ताकि उन्हें एक सुरक्षित और सहायक वातावरण मिल सके।…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 15, 2026
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में महिलाओं के कल्याण और विकास की वास्तविक स्थिति को मापने के लिए एक नई पहल की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा में जिलावार ‘वुमन एम्पावर इंडेक्स’ (Women Empowerment Index) तैयार किया जाए। इस इंडेक्स के माध्यम से यह आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा कि किस जिले में महिलाओं के लिए सुविधाओं को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे विकास कार्यों को सही दिशा में केंद्रित किया जा सके।
लिंगानुपात में राष्ट्रीय औसत से आगे निकलने का लक्ष्य
प्रदेश में लिंगानुपात (Sex Ratio) की स्थिति में और अधिक सुधार लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने विभाग को बेहद आक्रामक और बड़ा लक्ष्य सौंपने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि लड़कियों की जन्म दर में सुधार के लिए पूरे राज्य में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए और हरियाणा के लिंगानुपात के लक्ष्य को राष्ट्रीय औसत (933) से भी ऊपर ले जाने के लिए एक ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके साथ ही, महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की जांच के दायरे को बढ़ाने तथा तीन साल तक के बच्चों और स्तनपान कराने वाली माताओं को विशेष पोषण सहायता देने पर भी बल दिया गया।
बच्चों के मानसिक-शारीरिक विकास के लिए आयोजित होंगे ‘बेबी शो’
बच्चों के शुरुआती 6 साल के जीवन को उनके पूरे भविष्य की नींव बताते हुए मुख्यमंत्री ने उनके शारीरिक और मानसिक विकास की निरंतर निगरानी करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों के विकास के पड़ावों (Milestones) को जांचने के लिए हर आयु वर्ग के बच्चों के लिए ‘बेबी शो’ (Baby Shows) और स्वास्थ्य प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएं। इन आयोजनों में बेहतरीन स्वास्थ्य वाले बच्चों और उनकी माताओं को पुरस्कृत भी किया जाए, ताकि माताओं में बच्चों की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ सके।
इसके साथ ही, ग्रामीण और शहरी स्तर पर महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर काम कर रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को विशेष और आधुनिक प्रशिक्षण (Special Training) देने पर भी विशेष जोर दिया गया है।