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नीट (NEET) पेपर लीक कांड के आरोपी ने दावा किया है कि इस पूरे खेल में ‘बड़े लोग’ शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल ने पूछा कि भाजपा सरकार किन शिक्षा माफियाओं और रसूखदारों को बचाने के लिए करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रही है।
बड़े लोगों’ को बचाने के लिए 24 लाख छात्रों से गद्दारी? – केजरीवाल का केंद्र पर प्रहार
नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 (NEET-UG) परीक्षा में हुए महाघोटाले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। अब इस कांड में पकड़े गए आरोपियों के बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है। एक आरोपी द्वारा पुलिस के सामने यह कहने पर कि “बड़े-बड़े लोगों को बचाया जा रहा है”, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
“पर्दे के पीछे कौन से सफेदपोश?”
बड़े बड़े लोगों को बचाया रहा है – नीट पेपर लीक कांड में पकड़े गए आरोपी ने कहा।
कौन हैं वो बड़े बड़े लोग? pic.twitter.com/bVEOtp1PFv— ASHUTOSH MISHRA (@JournoAshutosh) May 14, 2026
अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपियों के बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि आखिर वो ‘बड़े लोग’ कौन हैं जिनका नाम बाहर आने से सरकार डर रही है? केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा राष्ट्रीय स्तर का पेपर लीक संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जब आरोपी खुद कह रहा है कि रसूखदारों को बचाया जा रहा है, तो इसका मतलब है कि जांच की दिशा को मोड़ा जा रहा है।
केजरीवाल का बयान: “ये बड़े लोग कौन हैं? सरकार किसको बचा रही है? क्या ये वो लोग हैं जो चुनाव में चंदा देते हैं? या वो जो सत्ता के गलियारों में बैठकर छात्रों के भविष्य की नीलामी करते हैं? जब तक इन ‘बड़े नामों’ का खुलासा नहीं होता, तब तक यह जांच सिर्फ एक दिखावा है।”
9 साल में 4 बार लीक, कोई सजा नहीं
आम आदमी पार्टी ने आंकड़ों के साथ भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले 9 सालों में नीट का पेपर 4 बार लीक हुआ है, लेकिन आज तक किसी बड़े खिलाड़ी को सजा नहीं हुई। केजरीवाल ने इसे छात्रों के साथ ‘सबसे बड़ी गद्दारी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, परिवार गहने गिरवी रखकर कोचिंग की फीस भरते हैं, और अंत में उन्हें मिलता है—एक लीक हुआ पेपर और अनिश्चित भविष्य।
भाजपा और पेपर लीक माफिया का ‘नेक्सस’
‘आप’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी सवाल उठाया कि राजस्थान से लेकर हरियाणा और बिहार तक इस लीक के तार भाजपा से जुड़े लोगों तक पहुँच रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि:
- आरोपी द्वारा बताए गए ‘बड़े लोगों’ की पहचान सार्वजनिक की जाए।
- सीबीआई जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के जज द्वारा हो।
- पेपर लीक में शामिल शिक्षा माफियाओं की संपत्ति कुर्क की जाए।
आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाएगी। केजरीवाल ने छात्रों से अपील की है कि वे इस ‘अन्याय’ के खिलाफ आवाज उठाएं, क्योंकि यह सरकार सिर्फ जन-आंदोलन की भाषा समझती है।