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अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी की ‘7 अपीलों’ को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने पूछा कि क्या देश आर्थिक आपातकाल की ओर बढ़ रहा है और केवल मध्यम वर्ग ही त्याग क्यों करे?
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई ‘7 अपीलों’ पर कड़ा प्रहार किया। केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इन सुझावों से पूरा देश ‘सदमे’ में है और लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या भारतीय अर्थव्यवस्था किसी गंभीर संकट की ओर बढ़ रही है।
स्वतंत्रता के बाद पहली बार ऐसी अपील: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 1950 के बाद से भारत ने कई युद्ध (चीन और पाकिस्तान के साथ) और गंभीर आर्थिक मंदी देखी है, लेकिन किसी भी प्रधानमंत्री ने जनता से इस तरह की “कठोर” और “व्यापक” अपील नहीं की थी। उन्होंने कहा:
“लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी जैसे नेताओं ने युद्ध के समय सोने की खरीद न करने या एक समय का भोजन छोड़ने की अपील की थी, लेकिन ऐसी 7 विस्तृत अपीलें—जिसमें विदेश यात्रा और तेल के उपयोग पर प्रतिबंध शामिल हो—पहले कभी नहीं देखी गईं। इससे जनता में संदेह पैदा हो रहा है।”
केजरीवाल की प्रधानमंत्री से तीन बड़ी मांगें
देश की आर्थिक स्थिति का सच देश के सामने रखे मोदी सरकार | महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता | LIVE https://t.co/JeFpy16wun
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 12, 2026
आप प्रमुख ने प्रधानमंत्री के सामने तीन मुख्य मांगें रखीं, ताकि देश में फैल रही अफवाहों पर विराम लग सके:
- अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति: प्रधानमंत्री देश को बताएं कि आज हमारी अर्थव्यवस्था की असल हालत क्या है और भविष्य के लिए क्या उम्मीदें हैं?
- अफवाहों पर स्पष्टीकरण: बाजार में कई तरह की अफवाहें तैर रही हैं, जिससे निवेशकों और आम जनता का भरोसा डगमगा रहा है। सरकार को इस पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
- सरकारी खर्च में कटौती: केजरीवाल ने सवाल उठाया कि त्याग की उम्मीद केवल मध्यम वर्ग से ही क्यों की जा रही है? प्रधानमंत्री, मंत्री, अधिकारी और देश के अति-अमीर लोग अपने खर्चों में कटौती क्यों नहीं कर रहे?
क्या पश्चिम एशिया युद्ध ही एकमात्र कारण है?
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में हैदराबाद की एक रैली में अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए ये अपीलें की थीं। हालांकि, केजरीवाल ने इस पर संदेह जताते हुए कहा कि युद्ध पूरी दुनिया के लिए है, लेकिन किसी अन्य देश की सरकार ने अपने नागरिकों से ऐसी अपील नहीं की है। उन्होंने आशंका जताई कि “अर्थव्यवस्था के फिसलने के पीछे कोई और कारण भी हो सकता है जिसे सरकार छुपा रही है।”
पीएम मोदी की वे ‘7 अपीलें’ जिन पर मचा है घमासान:
जहाँ संभव हो, वर्क फ्रॉम होम (WFH) को प्राथमिकता दें।
- कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचें।
- ईंधन बचाने के लिए मेट्रो/पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें।
- रसोई में कुकिंग ऑयल (खाद्य तेल) का इस्तेमाल कम करें।
- रासायनिक खाद की जगह प्राकृतिक खेती को अपनाएं।
- विदेशी ब्रांड के बजाय स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।
- एक साल तक विदेश यात्रा टाल दें।
विपक्ष ने इन अपीलों को सरकार की “आर्थिक विफलता का सबूत” करार दिया है।