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महेंद्र सिंह धोनी बिहार और झारखंड के व्यक्तिगत श्रेणी में सबसे बड़े करदाता बने हैं। आयकर विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों राज्यों से कुल ₹20,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।
बिहार और झारखंड के आयकर विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 उपलब्धियों भरा रहा है। आयकर विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों पड़ोसी राज्यों से कुल कर संग्रह लगभग 20,000 करोड़ रुपये रहा है। इस विशाल संग्रह में सबसे दिलचस्प और गौरवपूर्ण बात यह रही कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) एक बार फिर बिहार और झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता (Highest Individual Taxpayer) बनकर उभरे हैं।
संग्रह में झारखंड का दबदबा: ₹20,000 करोड़ का राजस्व
आयकर विभाग (बिहार-झारखंड) के प्रधान मुख्य आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए राजस्व के विस्तृत आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दोनों राज्यों से कुल 20,000 करोड़ रुपये का कर वसूला गया है। इस संग्रह में झारखंड की हिस्सेदारी बिहार से काफी अधिक रही। डॉ. राव के अनुसार, “कुल 20,000 करोड़ रुपये में से अकेले 12,000 करोड़ रुपये का कर संग्रह झारखंड से हुआ है, जबकि शेष राशि बिहार से प्राप्त हुई है।” झारखंड में मौजूद बड़े औद्योगिक घराने और खनन क्षेत्र इस उच्च राजस्व का मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
महेंद्र सिंह धोनी: खेल के मैदान के बाद टैक्स में भी ‘नंबर वन’
झारखंड के रांची के रहने वाले महेंद्र सिंह धोनी न केवल क्रिकेट की दुनिया के ‘थाला’ हैं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ कर चुकाने के मामले में भी वे मिसाल पेश कर रहे हैं। डॉ. सुधाकर राव ने पुष्टि की कि धोनी बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में व्यक्तिगत श्रेणी में सबसे अधिक आयकर जमा करने वाले व्यक्ति रहे हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से उनके द्वारा चुकाई गई सटीक राशि का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह राशि पिछले वर्षों के उनके रिकॉर्ड (जो लगभग 38-40 करोड़ रुपये के आसपास रहता था) से कहीं अधिक होने की संभावना है। धोनी की आय के मुख्य स्रोत उनके विज्ञापन करार (Endorsements), निवेश और विभिन्न व्यावसायिक उद्यम हैं।
बिहार और झारखंड में बढ़ता कर आधार
डॉ. राव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य आने वाले समय में कर चोरी को रोकना और करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों राज्यों में डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने के कारण नए करदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से बिहार में छोटे और मध्यम उद्योगों से प्राप्त होने वाले राजस्व में सकारात्मक सुधार देखा गया है। विभाग ने समय पर कर चुकाने वाले नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि धोनी जैसे व्यक्तित्व युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देते हैं कि राष्ट्र निर्माण में ईमानदारी से कर चुकाना कितना महत्वपूर्ण है।