Table of Contents
पंजाब में शहरी बुनियादी ढांचा और नागरिक सेवाओं में तेजी से सुधार। ₹1,300 करोड़ के सड़क निर्माण, सीवरेज और जल प्रबंधन, OTS योजना और भवन अनुमोदन में आसान प्रक्रिया से बेहतर जीवन सुनिश्चित।
पंजाब सरकार ने राज्य में शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल और सुधारों की घोषणा की है। स्थानीय सरकार, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन एवं विद्युत मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य शहरी जीवन को सरल बनाना, सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ाना और नागरिकों के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित करना है।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि जन राहत के लिए ट्रस्टों के लिए ओटीएस योजना 30 अप्रैल, 2026 तक फिर से लागू की गई है। इसके तहत गैर-निर्माण शुल्क (NCF) पर लगभग 50% की छूट दी जाएगी, जिससे संपत्ति मालिकों को महत्वपूर्ण वित्तीय राहत मिलेगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में गृह कर संग्रह ₹600 करोड़ तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष ₹500 करोड़ था। यह शहरी स्थानीय निकायों में बेहतर दक्षता, अनुपालन और पारदर्शिता का संकेत है।
सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचा
राज्य में नगर निगम और परिषदों के तहत 2,120 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य ₹1,300 करोड़ की लागत से चल रहा है। यह कार्य मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मानसून से पहले गड्डों से मुक्त सड़कें सुनिश्चित करने के लिए नवीनतम तकनीक से टिकाऊ मरम्मत की जा रही है।
also read: भाजपा और मोदी सरकार पर सवाल: चंडीगढ़ ब्लास्ट केस में…
निर्माण अनुमोदन और व्यवसाय में सुविधा
शहरी भवन निर्माण अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब फाइलें केवल एक बार ही आयुक्त को जमा करनी होंगी। एसटीपी अनुमोदन केवल आधे एकड़ और उससे बड़े भूखंडों पर लागू होगा। जिला और मुख्यालय स्तर पर एकल-खिड़की समिति प्रणाली लागू की गई है, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
आपातकालीन सेवाएं और अग्निशमन
सरकार ने अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण करते हुए 131 करोड़ रुपये निवेश किया है। इसके तहत उन्नत अग्निशमन उपकरण खरीदे जा रहे हैं और 13 नए अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
सीवरेज और जल प्रबंधन
राज्यभर में सीवरेज नेटवर्क की सफाई प्राथमिकता पर है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 450 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजनाओं का आवंटन हो चुका है। जल प्रबंधन के तहत सतही जल परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और चालू तिमाही में 800 करोड़ रुपये की लागत से 30 जल शोधन संयंत्र (WTP) स्थापित किए जाएंगे।
मंत्री संजीव अरोड़ा के अनुसार
“पंजाब शहरी परिवर्तन के एक नए चरण की ओर बढ़ रहा है। बुनियादी ढांचा विकास, नागरिक सेवाओं में सुधार और स्वीकृतियों को सरल बनाने के हर कदम का उद्देश्य हमारे नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता वाला जीवन प्रदान करना है।”