Table of Contents
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में ‘मेरी रसोई योजना’ (Meri Rasoi Yojana) शुरू करने की बड़ी घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य के 40 लाख लाभार्थी परिवारों को हर तिमाही मुफ्त राशन किट प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना खाद्य सुरक्षा और पोषण स्तर को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
गेहूं के अलावा अतिरिक्त फूड किट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह राशन किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले गेहूं से अलग होगी। यानी लाभार्थियों को गेहूं के साथ-साथ अतिरिक्त जरूरी खाद्य सामग्री भी मिलेगी, जिससे गरीब परिवारों की रसोई में राहत मिलेगी और बच्चों को बेहतर पोषण सुनिश्चित होगा।
राशन किट में क्या मिलेगा?
हर परिवार को मिलने वाली फूड किट में शामिल हैं:
-
2 किलो दाल (मूंग या छोले)
-
2 किलो चीनी
-
1 किलो नमक
-
200 ग्राम हल्दी पाउडर
-
1 लीटर सरसों का तेल
सरकार ने इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी जांच और निगरानी की व्यवस्था की है।
also read: पंजाब: 3,200 करोड़ रुपए का मेगा टाटा स्टील प्रोजेक्ट…
40 लाख परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह योजना राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन में राहत लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है, लेकिन कुछ परिवार अभी भी रोज़ी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन्हीं परिवारों की मदद के लिए यह योजना शुरू की गई है।
मार्कफेड को मिली वितरण जिम्मेदारी
सरकार ने फूड किट वितरण की जिम्मेदारी मार्कफेड (MARKFED) को सौंपी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग इस योजना के तहत फूड किट मुफ्त में लाभार्थियों तक पहुंचाएगा। वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया गया है।
जनकल्याण और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के पैसे का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता और जनकल्याण के लिए कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फूड किट की गुणवत्ता पर कभी समझौता नहीं होगा और किसी भी शिकायत की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अप्रैल से होगा वितरण शुरू
सरकार ने घोषणा की है कि अप्रैल से फूड किट वितरण की शुरुआत होगी। इसके बाद हर तीन महीने में लाभार्थियों को मुफ्त किट प्रदान की जाएगी। ‘मेरी रसोई योजना’ पंजाब सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल मानी जा रही है, जिससे राज्य में खाद्य सुरक्षा और गरीबों की मदद दोनों मजबूत होंगी।