जुलाई को ‘आओ स्कूल चलें’ प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों का होगा गर्मजोशी से स्वागत
— मनाया जाएगा डॉक्टर दिवस: संजीव शर्मा, डीईओ पटियाला
पटियाला, 29 जून:
पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में पंजाब के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति में वृद्धि करने और बच्चों के व्यक्तिगत विकास को नई दिशा देने के लिए नए प्रयास आरंभ किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत 1 जुलाई को सभी सरकारी स्कूलों में “आओ स्कूल चलें” प्रोग्राम होने जा रहा है, जिसके अंतर्गत गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूलों में नए जोश और उत्साह से विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी (सेकंडरी) संजीव शर्मा और डिप्टी डीईओ डॉ. रविंदरपाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत सभी स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों का स्कूल में जोश के साथ स्वागत करते हुए उनके लिए खेलों, मनोरंजन और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जो कि बच्चों के मनोवैज्ञानिक विकास के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि स्कूलों में विशेष रूप से एक्सरसाइज़, गोल घेरा खेल, विद्यार्थियों द्वारा गर्मियों की छुट्टियों के दौरान की गई यात्राओं और उनके अनुभवों को साझा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के जीवन के उद्देश्यों पर भी खुली चर्चा करवाई जाएगी, ताकि वे अपने लक्ष्यों की ओर गंभीरता से ध्यान केंद्रित कर सकें।
इसके अतिरिक्त, 1 जुलाई को स्कूलों में डॉक्टर दिवस भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों और अध्यापकों द्वारा स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी सेवाओं के लिए डॉक्टरों का धन्यवाद किया जाएगा। विद्यार्थियों को डॉक्टरों के योगदान के बारे में जानकारी दी जाएगी और उनका आभार प्रकट करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से निरीक्षण टीमें नियुक्त की जा रही हैं, जो स्कूलों की तैयारी, विद्यार्थियों की उपस्थिति और अभियान की क्रियान्वयन व्यवस्था की समीक्षा करेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी संजीव शर्मा ने सभी स्कूल प्रमुखों से अपील की है कि वे विद्यार्थियों के लिए आनंददायक वातावरण बनाने, प्रेरक चर्चाओं और स्वागत कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूल के पहले दिन को यादगार बनाने में अपना योगदान दें।
यह अभियान न केवल विद्यार्थियों को स्कूल की ओर फिर से आकर्षित करने का उद्देश्य रखता है, बल्कि उनमें नया उत्साह, नई लगन और सीखने की रुचि पैदा करने की भी कोशिश कर रहा है। ‘आओ स्कूल चलें’ जैसे प्रयास स्कूली शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।