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Asadha Amavasya 2025: 25 जून को आषाढ़ अमावस्या है, जिसमें शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, योग, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति है। जानें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, और सूरज और चाँद का उदय कब होगा।
Asadha Amavasya 2025: 25 जून का दिन धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र, गण्ड और सर्वार्थ सिद्धि जैसे महत्वपूर्ण ग्रह-नक्षत्र बन रहे हैं। आइए जानें शुभ और अशुभ समय, राहुकाल, ग्रहों की स्थिति और विशिष्ट उपाय।
25 जून 2025 का पंचांग
शुभ मुहूर्त: गुरु अस्त हैं, इसलिए विवाह करना, व्यापार करना, सोना-चांदी खरीदना, वाहन खरीदना, नए काम शुरू करना आदि अशुभ माना जाता है।
स्नान-दान दुर्घटना: आषाढ़ अमावस्या पर पवित्र नदी या उसके जल से स्नान करने और पितरों को तालाब या नदी के किनारे तर्पण करने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे पितरों की आत्मा प्रसन्न होती है।
राहुकाल और अशुभ समय (Asadha Amavasya 2025)
| राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) | दोपहर 12.22 – दोपहर 2.09 |
| यमगण्ड काल | सुबह 7.10 – सुबह 8.54 |
| गुलिक काल | सुबह 10.39 – दोपहर 12.24 |
| आडाल काल |
सुबह 5.25 – सुबह 10.40 |
आषाढ़ अमावस्या का विशेष महत्व
माना जाता है कि आषाढ़ अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या भी कहते हैं, इस दिन कृषि उपकरणों और पिता की पूजा की जाती है, जिससे आने वाली फसल अच्छी होती है।
क्या करना है
- आषाढ़ अमावस्या पर पितृ देव की कृपा पाने के लिए घर के मुख्य द्वार पर एक दीपक सरसों के तेल से भरा जाना चाहिए।
- आषाढ़ अमावस्या पर मंदिर में पीपल और घर के पास नीम का पेड़ लगाने से सुख-शांति मिलेगी।
न करें
- किसी पेड़ को काटने से बचें। ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- परेशान लोग अकेले सुनसान जगह पर न जाएं, क्योंकि नकारात्मक शक्तियां हावी हो सकती हैं।
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