शिक्षा मंत्री ने 15 दिसंबर से हेडमास्टरो के पांचवें बैच को प्रशिक्षण हेतु भेजने की घोषणा की

प्रशिक्षण के लिए रवाना

 

• यह बैच 3 से 7 नवंबर तक प्रशिक्षण प्राप्त करेगा: हरजोत सिंह बैंस

 

• शिक्षा मंत्री ने 15 दिसंबर से हेडमास्टरो के पांचवें बैच को प्रशिक्षण हेतु भेजने की घोषणा की

 

चंडीगढ़, 2 नवंबर:

शिक्षकों के शैक्षिक कौशल को और निखारने की प्रतिबद्धता के तहत मुख्य मंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा 50 हैडमास्टरों के चौथे बैच को विशेष नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आई.आई.एम.) अहमदाबाद भेजा गया है।

 

इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि चौथा बैच 3 से 7 नवंबर 2025 तक “लीडरशिप एंड मेंटरशिप स्किल्स” पर आधारित एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हैडमास्टरों को अपने विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव के मार्गदर्शक के रूप में तैयार करना है।

 

स हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की है कि इस पहल को आगे बढ़ाते हुए 15 से 19 दिसंबर 2025 तक आई.आई.एम. अहमदाबाद में पांचवें बैच को भी प्रशिक्षण हेतु भेजा जाएगा। यह पहल मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उस दृष्टि का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत शिक्षकों को वैश्विक प्रबंधन और नेतृत्व कौशल से लैस करके राज्य के स्कूलों में श्रेष्ठ शिक्षण पद्धतियाँ लागू की जा रही हैं।

 

शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब तक पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों को सिंगापुर, 152 हैडमास्टरों को आई.आई.एम. अहमदाबाद और 144 प्राइमरी स्कूल शिक्षकों को फ़िनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ़ टुर्कू में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा जा चुका है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर के श्रेष्ठ अनुभवों और शिक्षण पद्धतियों को अपनाना है।

 

स बैंस ने कहा कि शिक्षकों को आई.आई.एम. अहमदाबाद जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में भेजना, पंजाब सरकार की शिक्षा में रणनीतिक निवेश नीति का हिस्सा है। इन शिक्षकों को न केवल स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए बल्कि अपने सहकर्मी शिक्षकों को प्रेरित करने, कक्षा-कक्ष में नवीन शिक्षण विधियों को अपनाने और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के निर्माण के लिए भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल पंजाब को ज्ञान की राजधानी बनाने की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता की आधारशिला है।

 

इसी दिशा में सरकार की दूरदर्शी सोच को रेखांकित करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग की प्रबंधकीय सचिव श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दूरदर्शी शैक्षिक नेतृत्वकर्ताओं का सशक्त समूह तैयार कर रहा है। शिक्षण कौशल को निखारने की यह विशेष पहल पंजाब के शिक्षकों को 21वीं सदी की शैक्षिक चुनौतियों के लिए तैयार करेगी और राज्य के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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