मुख्यमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को समर्पित राज्य स्तरीय समारोहों के लिए लोगो जारी किया

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को समर्पित राज्य स्तरीय समारोहों के लिए लोगो जारी किया

 

शहादत दिवस को श्रद्धा भावना से मनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई

 

राज्य में कीर्तन दरबार, नगर कीर्तन और अन्य यादगारी समारोह आयोजित किए जाएंगे

 

चंडीगढ़, 25 सितंबर

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को समर्पित राज्य स्तरीय यादगारी समारोहों के लिए लोगो जारी किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य भर में इस महान दिवस को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाने के लिए श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के पावन अवसर पर पंजाब सरकार की ओर से ऐतिहासिक समारोह आयोजित किए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 अक्तूबर को दिल्ली में विशाल कीर्तन दरबार होगा और 25 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में बड़ा कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर से जम्मू, गुरदासपुर, फरीदकोट और तख्त श्री दमदमा साहिब से चार नगर कीर्तन आरंभ किए जाएंगे। ये चारों नगर कीर्तन 22 नवंबर की शाम को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे और इस पवित्र नगरी में 23 से 25 नवंबर तक राज्य सरकार की ओर से विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से ये ऐतिहासिक समारोह मुख्य रूप से श्री आनंदपुर साहिब की पावन धरा पर आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि श्रृंखलाबद्ध आयोजनों से लोगों को नवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दिखाए धर्मनिरपेक्षता, मानवता और बलिदान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब ने धर्म की स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्याय, जुल्म और दमन के खिलाफ गुरु साहिब का यह महान बलिदान मानवता के इतिहास में बेमिसाल है। उन्होंने कहा कि पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु तेग बहादुर जी की वाणी मानव एकता, विश्वव्यापी भाईचारा, बहादुरी, अध्यात्म और दया का संदेश देती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये श्रृंखलाबद्ध आयोजन महान सिख गुरु को सच्ची श्रद्धांजलि होंगे और लोगों को उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने की प्रेरणा देंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन अवसर हमें जाति, रंग, नस्ल और धर्म की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर समर्पण और मिशनरी भावना से समाज विशेषकर गरीबों और दबे-कुचले वर्ग की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित करने का अवसर देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस महान अवसर को सद्भावना और सामाजिक एकता की भावना से मनाएं ताकि हमारे देश और विशेषकर राज्य की एकता और अखंडता और मजबूत हो सके।

 

भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का महान बलिदान हमें हमेशा याद रखना चाहिए और उनकी शिक्षाओं को दुनिया के कोने-कोने तक फैलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और दर्शन सम्पूर्ण मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आयोजन एक ओर जहां इस महान विरासत को जीवित रखने में सहायक होंगे, वहीं दूसरी ओर सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारा और शांति के सिद्धांतों को भी मजबूत करेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समारोहों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महान गुरु साहिब की यह शानदारी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरभजन सिंह ईटीओ, लोकसभा सांसद मालविंदर सिंह कंग, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली और अन्य मौजूद थे।

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