मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपए मुआवजे के ऐतिहासिक फैसले को मंजूरी दी

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपए मुआवजे के ऐतिहासिक फैसले को मंजूरी दी

 

मुआवजा बढ़ाने का अनुकरणीय कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब

 

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर

 

एक ऐतिहासिक फैसले में, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने आज किसानों के लिए फसल नुकसान के मुआवजे की राशि को बढ़ाकर प्रति एकड़ 20,000 रुपए करने की मंजूरी दे दी।

इस फैसले को आज यहां मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त फसलों और घरों के नुकसान के लिए प्रभावित लोगों को उचित राहत प्रदान करने के लिए, मंत्रिमंडल ने नुकसान की भरपाई के लिए राज्य के बजट से मुआवजा देने हेतु संशोधित राहत राशि की दरों को कार्योत्तर मंजूरी दे दी। इस साल राज्य को भयंकर बाढ़ का सामना करना पड़ा, जिसके कारण राहत राशि में वृद्धि का फैसला लिया गया। इस फैसले के तहत 26 से 75 प्रतिशत तक फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपए और 76 से 100 प्रतिशत तक नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपए मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए प्रति घर 40,000 रुपए दिए जाएंगे, जबकि पहले यह राशि केवल 6,500 रुपये प्रति एकड़ थी। भारत सरकार द्वारा एस.डी.आर.एफ. से दी जाने वाली राशि में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी, इसलिए अतिरिक्त मुआवजा राशि राज्य सरकार अपने खजाने से वहन करेगी।

 

पंजाब माइनर मिनरल रूल्स-2013 में संशोधन को मंजूरी

अंतरराज्यीय चेकपोस्टों के संचालन को सुचारू बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, 2013 में संशोधन को मंजूरी दे दी, जिससे राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों, जो प्रोसेस्ड या अनप्रोसेस्ड छोटे खनिज पदार्थ (माइनर मिनरल्स) ले जा रहे हों, पर शुल्क लगाया जा सकेगा। इससे विभाग द्वारा अंतरराज्यीय चेकपोस्टों पर होने वाले संचालन लागत को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इन चेकपोस्टों के सिस्टम को और मजबूत व प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी, जिससे उनकी देखभाल और रखरखाव में मदद मिलेगी।

 

प्लॉटों की आरक्षित कीमत निर्धारित करने की नीति में संशोधन को मंजूरी

विकास प्राधिकरणों के तहत विभिन्न स्थानों की आरक्षित कीमत निर्धारित करने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने प्लॉटों की आरक्षित कीमत तय करने की नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी। संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार, साइट की आरक्षित कीमत राष्ट्रीय बैंकों में सूचीबद्ध तीन स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं (वैल्यूअर्स) के मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित की जाएगी। एक बार नीलामी के लिए निर्धारित की गई आरक्षित कीमत एक कैलेंडर वर्ष के लिए मान्य रहेगी।

 

सहकारी कमेटियों के लिए स्थान आवंटन की नीति को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने ग्रुप हाउसिंग स्कीम-2025 के तहत बहुमंजिला फ्लैटों के निर्माण के लिए सहकारी कमेटियों को स्थान आवंटन की नीति को भी मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य सहकारी हाउसिंग कमेटियों को सुविधा प्रदान करके पंजाब के शहरी क्षेत्रों में किफायती और योजनाबद्ध आवास को सुनिश्चित करना है। यह फैसला भूमि आवंटन के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और संरचनात्मक ढांचा प्रदान करता है, जिससे राज्य के शहरी नियोजन लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध निर्माण और विकास सुनिश्चित किया जा सके।

 

मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की नीति को मंजूरी

प्रमोटरों को होने वाली कठिनाइयों और आम लोगों को राहत देने के लिए मंत्रिमंडल ने विभिन्न विकास प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की नीति को मंजूरी दे दी। प्रोजेक्ट के विकास के लिए लागू अवधि और पहले से स्वीकृत प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की तारीख को 31 दिसंबर, 2025 से अधिकतम पांच वर्ष की अवधि के लिए, प्रमोटर के अनुरोध पर 25,000 रुपए प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से केवल एक बार विस्तार की अनुमति दी जाएगी। लागू अवधि में विस्तार के लिए दी गई मंजूरी के लिए भुगतान पहले जमा करना होगा, और इसके बाद लागू अवधि में किसी भी विस्तार की अनुमति नहीं होगी।

 

विभिन्न विभागों में कार्यरत ओएसडी (लिटिगेशन) के निर्धारित मानदेय को बढ़ाने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में कार्यरत ओ.एस.डी. (लिटिगेशन) को मिलने वाले निर्धारित मानदेय को बढ़ाने की भी मंजूरी दे दी। विभिन्न विभागों में ओ.एस.डी. (लिटिगेशन) की 13 अस्थायी रिक्तियों को सृजित किया गया है, और वर्ष 2020 में उनकी रिटेनरशिप फीस को 50,000 रुपए से बढ़ाकर 60,000 रुपए कर दिया गया था। अब ओ.एस.डी. (लिटिगेशन) की निश्चित वेतन/रिटेनरशिप फीस को 10,000 रुपए तक बढ़ा दिया गया है।

 

कैबिनेट सब-कमेटी के गठन के लिए कार्योत्तर मंजूरी

मंत्रिमंडल ने मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना क्षेत्र की रोलिंग मिलों को कोयले से पी.एन.जी. में परिवर्तित करने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी के गठन को कार्योत्तर मंजूरी दे दी।

 

टेलीकम्यूनिकेशंस रूल्स को लागू करने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने राज्य में टेलीकम्यूनिकेशंस (राइट ऑफ वे) रूल्स-2024 को लागू करने की मंजूरी दे दी।

 

जेलों में सतर्कता बढ़ाने के फैसले को मंजूरी

आपराधिक गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने, मुलाकातियों की तलाशी के स्तर को बढ़ाने और जेलों के समग्र सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने के लिए मंत्रिमंडल ने पंजाब ट्रांसपेरेंसी इन प्रोक्योरमेंट एक्ट, 2019 की धारा 63(1) के तहत स्निफर कुत्ते खरीदने के लिए छूट दी है। जेलों के भीतर आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए जेलों की सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए बी.एस.एफ./सी.आर.पी.एफ. से छह स्निफर कुत्ते खरीदे जाएंगे। यह कदम जेलों की सुरक्षा बढ़ाने और जेलों में आपराधिक गतिविधियों की जांच में सहायता करेगा।

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