भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस : विजिलेंस ब्यूरो ने चार्टर्ड अकाउंटेंट को 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार

  1. भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस : विजिलेंस ब्यूरो ने चार्टर्ड अकाउंटेंट को 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार

    चंडीगढ़, 30 मई 2025

– पंजाब विजिलेंस ब्यूरो  ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई भ्रष्टाचार विरोधी ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत आज जालंधर के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सी ए) गुरसेवक सिंह को 10 लाख की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है जिसने जालंधर में तैनात सीजीएसटी के एक अधिकारी के नाम पर यह रिश्वत माँगी थी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि ये गिरफ्तारियां जालंधर निवासी एक फर्म मालिक की शिकायत पर की गईं। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो को बताया कि उपरोक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट ने सीजीएसटी एक्ट के तहत उसकी फर्म के खिलाफ चल रही जांच में लाभ पहुंचाने के बदले सीजीएसटी के अधिकारी की ओर से 30 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने एक योजनाबद्ध जाल बिछाया, जिसके तहत आरोपी सीए को 10 लाख रुपए की रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी सीए के खुलासे के बाद सीजीएसटी के अधिकारी की भुमिका की जाँच भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना, फ्लाइंग स्क्वाड-1, पंजाब, मोहाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7 ए तथा बी एन एस की धारा 61(2) के तहत एफ आई आर नंबर 17 दिनांक 30-05-2025 दर्ज की गई है। आरोपी को कल सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की आगे की जांच जारी है।

Related posts

AAP प्रवक्ता कुलदीप सिंह ने भाजपा को घेरा: “पंजाब डरेगा नहीं, भाजपा की तानाशाही का देगा मुंहतोड़ जवाब”।

हरपाल चीमा का तंज: “संजीव अरोड़ा पर ED की रेड भाजपा की बौखलाहट, संविधान पर किया हमला”

पंजाब में ‘CM मेरी रसोई योजना’ का आगाज, 40 लाख परिवारों को मिलेगा पोषण, ‘रंगला पंजाब’ की ओर भगवंत मान का बड़ा कदम

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More