केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की घोषणा

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की घोषणा

 

’बुद्धिस्ट डेवलपमेंट प्लान से होगा बौद्ध मठों और प्राचीन गोम्पाओं का जीर्णोद्वार

 

केंद्रीय मंत्री ने केलांग में मल निकासी योजना का किया शिलान्यास

 

 

 

 

 

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों के पाँच दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू रविवार को केलांग पहुंचे । केंद्रीय मंत्री ने वाहन प्रधानमंत्री जनकल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत केलांग मल निकासी योजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत केलांग में आधुनिक मल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे केलांग और बिलिंग गाँव के लोग लाभान्वित होंगे।

 

 

 

केलांग में जनसभा को सम्बोधित करते हुए किरेन रिजिजू ने मल निकासी योजना के शिलान्यास कि बधाई दी उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से क्षेत्र में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा । यह योजना केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से संभव हो रही है, जो लाहुल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि चार दिनों के प्रवास में शिमला, कल्पा से लेकर केलांग तक दौरा किया है। उन्होंने कहा कि पुरे देश में लाहौल-स्पीती जिला को अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय द्वारा सबसे अधिक धनराशी दी गयी है ।

 

उन्होंने कहा कि जनजातीय जिलों का दौरा विशेष रहा जिसमे स्थानीय लोगों से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई प्रमुख गोम्पा और बौध मठों के लोग अपनी समस्यों को लेकर उनसे मिले हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्राचीन मठों और प्रमुख गोम्पाओं के जीर्णाेद्वार के लिए बुद्धिस्ट डेवलपमेंट प्लान बनाकर सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि गोम्पा और बौध मठों द्वारा जो भी आवेदन आयेंगे, उन्हें धनराशी उपलब्ध करवा दी जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि जनजातीय जिलो के सौदर्य और लोगों के स्वागत और प्यार से पूरी थकान मिट गयी। उन्होंने कहा कि अटल टनल के निर्माण से इस क्षेत्र के लोगों कि समस्याएँ पहले से कम हुई हैं। उन्होंने कहा कि विकास कि दृष्टी से लाहुल-स्पीती को आगे ले जाना दोनों सरकारों कि सामूहिक जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि एक्सट्रीम बॉर्डर एरिया क्षेत्र के लोगों तक मुलभुत सुविधायें पहुँचाने के लिए गृह मंत्रालय ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम चलाया है। इस योजना में ऐसे गाँव में सडक, स्कूल, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधायें उपलब्ध करवाई जायेंगी।

 

 

 

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम द्वारा आयोजित जागरूकता शिविर में लाभार्थिओं से भेंट की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम ने राज्य सरकार के अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम से समझोता किया है। इस योजना में लोगों को सस्ते लोन उपलब्ध करवाकर अल्पसंख्यकों को स्वरोजगार अवसर उपलब्ध हो रहे हैं । उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ लेने अपील की।

 

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव राम सिंह, उपायुक्त लाहुल-स्पीति किरण भड़ाना सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं क्षेत्र के अनेक नागरिक भी उपस्थित रहे.

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