कीटाणुओं और गंदे पानी से होने वाली बीमारियों को फैलने से रोकने के विभिन्न विभागों को तुरंत रोकथाम उपाय करने के निर्देश
डिप्टी कमिश्नर ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सर्वेक्षण के लिए त्वरित रिस्पॉन्स टीमें गठित करने का आदेश दिया
आवश्यक दवाओं, डायग्नोस्टिक किट और हॉस्पिटलों में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी हिदायत
जालंधर, 4 सितंबर: हाल ही में जिले के निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने के कारण कीटाणुओं और गंदे पानी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों के खतरे को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने विभिन्न विभागों को तत्काल निवारक उपाय करने के निर्देश दिए है ताकि इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य और पंचायत विभाग को निर्देश दिया कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण के लिए तत्काल रिस्पॉन्स टीमें गठित करके उनकी तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, संभावित मामलों से निपटने के लिए सभी आवश्यक दवाएं, डायग्नोस्टिक किट और हॉस्पिटलों में बेड की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दर्ज मामलों की निगरानी के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग भी करवाई जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
डिप्टी कमिश्नर ने नगर निगम और नगर परिषदों को उन सभी क्षेत्रों में, जहां बाढ़ का पानी जमा है, तत्काल प्रभाव से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने विशेष रूप से हॉटस्पॉट्स और उन क्षेत्रों में, जहां पानी खड़ा है, व्यापक स्तर पर एंटी-लारवा छिड़काव और फॉगिंग करवाने को कहा।
सफाई अभियान में तेजी लाने पर जोर देते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि बैक्टीरिया के प्रसार को रोकने और ठोस कचरे/गंदगी का समय पर तत्काल निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निकासी नालियों और सीवरेज सिस्टम की सफाई से संबंधित अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि सीवरेज सिस्टम उचित ढंग से निर्बाध रूप से कार्य करता रहे।
उल्लेखनीय है कि डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों के अनुसार विभिन्न विभागों की टीमें अपने कार्य शुरू कर चुकी है और प्रभावित क्षेत्रों में कीटाणुओं और गंदे पानी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए है।