अरविंद केजरीवाल का बड़ा खुलासा: गुजरात में IB के नाम पर कार्यकर्ताओं को डराने का आरोप, खुद किया फोन

अरविंद केजरीवाल का बड़ा खुलासा: गुजरात में IB के नाम पर कार्यकर्ताओं को डराने का आरोप, खुद किया फोन

अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में IB के नाम पर AAP कार्यकर्ताओं को परेशान करने का आरोप लगाया है। एक संदिग्ध नंबर पर खुद फोन करने के बाद केजरीवाल ने इसे बेहद संगीन मामला बताया है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं को मिल रही धमकियों को लेकर एक बेहद गंभीर मामला उठाया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि गुजरात में ‘इंटेलिजेंस ब्यूरो’ (IB) के नाम पर कार्यकर्ताओं को फोन कर उनसे ‘वेरिफिकेशन’ (सत्यापन) के नाम पर परेशान किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

मामले की शुरुआत तब हुई जब AAP के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने सोशल मीडिया पर एक नंबर (9512892492) साझा करते हुए बताया कि गुजरात में काम कर रहे पार्टी के एक कार्यकर्ता को इस नंबर से लगातार फोन आ रहे हैं। फोन करने वाला खुद को IB का अधिकारी बताकर कार्यकर्ता को ऑफिस आकर वेरिफिकेशन कराने का दबाव बना रहा था।

‘मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूँ’

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने खुद उस नंबर पर कॉल किया। केजरीवाल ने बताया, “मैंने उस नंबर पर फोन किया और पूछा कि क्या आप IB से बोल रहे हैं? सामने से जवाब आया—हाँ। जब मैंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूँ और आप किस कानून के तहत वेरिफिकेशन कर रहे हैं, तो उन्होंने तुरंत फोन काट दिया।”

केजरीवाल ने आगे कहा कि उसके बाद से उस नंबर से फोन उठाना बंद कर दिया गया है।

केजरीवाल की जनता से अपील

अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को “बेहद संगीन” बताते हुए आईबी (IB) से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने जनता और समर्थकों से अपील की है:

  • IB से सवाल पूछें: केजरीवाल ने लोगों से आग्रह किया कि वे उस नंबर पर फोन करके पूछें कि किस कानून के तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में काम करने जाने वाले नागरिक को IB के पास वेरिफिकेशन कराना होता है?
  • सबूत साझा करें: उन्होंने गुजरात के सभी कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि भविष्य में उन्हें ऐसे कॉल आते हैं, तो वे उसे तुरंत सोशल मीडिया पर डालें ताकि जनता भी उनसे जवाब मांग सके।
  • दौरा और सवाल: केजरीवाल ने स्पष्ट किया है कि जब वे अगली बार गुजरात जाएंगे, तो खुद IB ऑफिस जाकर इस मनमानी का जवाब मांगेंगे।

‘तानाशाही’ पर AAP का हमला

पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया है। गुजरात के AAP विधायक गोपाल इटालिया ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के नेता जब दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो उन्हें वेरिफिकेशन कराना पड़ता है? वहीं, डेडियापाडा के विधायक चेतर वासवा ने इसे देश की सुरक्षा एजेंसी का गलत इस्तेमाल बताते हुए कहा कि क्या जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल सिर्फ विपक्षी दलों के पीछे जासूसी करने के लिए हो रहा है?

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