YouTube Music पर बेहतर ऑडियो क्वालिटी के लिए ‘High’ या ‘Always High’ सेटिंग चुनें। जानें 256 Kbps तक हाई बिटरेट कैसे एक्टिवेट करें और डेटा कितना खर्च होगा।
आज के समय में म्यूजिक सुनना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। ऑफिस जाते समय, जिम में वर्कआउट करते हुए, लंबी यात्रा के दौरान या घर पर आराम करते समय बड़ी संख्या में लोग स्ट्रीमिंग ऐप्स के जरिए अपने पसंदीदा गाने सुनते हैं। इनमें Google का YouTube Music भी काफी लोकप्रिय प्लेटफॉर्म है। हालांकि, कई बार यूजर्स को शिकायत रहती है कि उन्हें गानों की ऑडियो क्वालिटी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल रही है। इसका एक बड़ा कारण ऐप की डिफॉल्ट ऑडियो स्ट्रीमिंग सेटिंग हो सकती है।
अगर YouTube Music में ऑडियो स्ट्रीमिंग की क्वालिटी ‘Normal’ पर सेट है, तो गाने अपेक्षाकृत कम बिटरेट पर स्ट्रीम होते हैं। ऐसे में जिन यूजर्स के पास अच्छे हेडफोन या ईयरबड्स हैं, उन्हें ऑडियो क्वालिटी में अंतर महसूस हो सकता है। अच्छी बात यह है कि यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार स्ट्रीमिंग क्वालिटी को मैन्युअली बदल सकते हैं। YouTube Music में ‘High’ और ‘Always High’ जैसे विकल्प उपलब्ध हैं, जिनके जरिए बेहतर बिटरेट पर संगीत सुना जा सकता है।
YouTube Music में ऑडियो क्वालिटी क्यों बदलें?
ऑडियो क्वालिटी का सीधा संबंध बिटरेट से होता है। बिटरेट जितनी ज्यादा होगी, आमतौर पर ऑडियो में अधिक डेटा इस्तेमाल होगा और बेहतर क्वालिटी मिल सकती है। YouTube Music में सामान्य स्ट्रीमिंग सेटिंग पर गाने करीब 128 Kbps तक की बिटरेट में स्ट्रीम हो सकते हैं।
वहीं, हाई क्वालिटी विकल्प का इस्तेमाल करने पर ऑडियो 256 Kbps तक की बिटरेट पर उपलब्ध हो सकता है। ऐसे में हाई क्वालिटी सेटिंग उन यूजर्स के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है जो म्यूजिक की आवाज को ज्यादा स्पष्ट और बेहतर तरीके से सुनना चाहते हैं।
हालांकि, इसका एक नुकसान भी है। ज्यादा बिटरेट का मतलब ज्यादा डेटा खपत है। इसलिए अगर आप मोबाइल डेटा पर YouTube Music इस्तेमाल करते हैं तो ‘High’ या ‘Always High’ मोड चुनने से आपका इंटरनेट डेटा तेजी से खत्म हो सकता है।
‘High’ और ‘Always High’ में क्या अंतर है?
YouTube Music में यूजर्स को ऑडियो स्ट्रीमिंग के लिए अलग-अलग क्वालिटी विकल्प मिलते हैं। ‘High’ मोड का चयन करने पर ऐप बेहतर ऑडियो क्वालिटी उपलब्ध कराने की कोशिश करता है, जबकि ‘Always High’ विकल्प का उद्देश्य कनेक्शन की स्थिति के बावजूद हाई क्वालिटी को प्राथमिकता देना है।
अगर आपका इंटरनेट कनेक्शन अच्छा और स्थिर है और आप ऑडियो क्वालिटी को प्राथमिकता देते हैं, तो ‘Always High’ आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। दूसरी तरफ, अगर आप मोबाइल डेटा बचाना चाहते हैं तो ‘Normal’ या ऑटोमैटिक क्वालिटी सेटिंग ज्यादा उपयुक्त हो सकती है।
स्ट्रीमिंग और डाउनलोड की सेटिंग अलग-अलग होती है
YouTube Music इस्तेमाल करते समय एक जरूरी बात ध्यान रखने वाली है कि स्ट्रीमिंग और डाउनलोड की ऑडियो क्वालिटी अलग-अलग सेट की जा सकती है। यानी अगर आपने ऑनलाइन गाने सुनने के लिए हाई क्वालिटी चुनी है, तो जरूरी नहीं कि डाउनलोड किए गए गाने भी उसी क्वालिटी में सेव हों।
अगर आप ऑफलाइन सुनने के लिए गाने डाउनलोड करते हैं और बेहतर ऑडियो क्वालिटी चाहते हैं, तो डाउनलोड क्वालिटी की सेटिंग को भी अलग से बदलना होगा। इससे ऑफलाइन म्यूजिक सुनते समय भी बेहतर ऑडियो अनुभव मिल सकता है।
YouTube Music में हाई क्वालिटी कैसे करें?
सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में YouTube Music ऐप खोलें और अपने Google अकाउंट से साइन इन करें। इसके बाद प्रोफाइल फोटो या अकाउंट आइकन पर टैप करके Settings में जाएं। यहां आपको ऑडियो या प्लेबैक से जुड़ी सेटिंग्स में स्ट्रीमिंग क्वालिटी बदलने का विकल्प मिल सकता है।
स्ट्रीमिंग क्वालिटी के विकल्प में जाकर ‘High’ या ‘Always High’ को चुनें। अगर आप गाने डाउनलोड भी करते हैं तो डाउनलोड क्वालिटी वाले विकल्प में जाकर वहां भी हाई क्वालिटी चुनना होगा।
ऐप के वर्जन और डिवाइस के अनुसार सेटिंग्स के नाम या उनका स्थान थोड़ा अलग दिखाई दे सकता है।
हाई क्वालिटी इस्तेमाल करने से डेटा कितना खर्च होगा?
हाई बिटरेट पर म्यूजिक सुनने में सामान्य क्वालिटी की तुलना में अधिक डेटा इस्तेमाल होगा। इसलिए जिन यूजर्स के मोबाइल डेटा की लिमिट कम है, उन्हें इस सेटिंग का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए।
अगर आपके पास अनलिमिटेड मोबाइल डेटा या अच्छा Wi-Fi कनेक्शन है, तो ‘High’ या ‘Always High’ मोड का इस्तेमाल करना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। वहीं, मोबाइल डेटा बचाने के लिए सामान्य क्वालिटी बेहतर विकल्प हो सकती है।
क्या हाई क्वालिटी हर किसी को सुनाई देगी?
हाई बिटरेट का मतलब जरूरी नहीं कि हर यूजर को ऑडियो में बहुत बड़ा अंतर महसूस होगा। अंतर आपके हेडफोन, ईयरबड्स, फोन के ऑडियो हार्डवेयर और सुनने की क्षमता जैसी चीजों पर भी निर्भर करता है।
अगर आप अच्छे क्वालिटी वाले हेडफोन या ईयरफोन इस्तेमाल करते हैं और म्यूजिक की डिटेलिंग को महत्व देते हैं, तो हाई क्वालिटी सेटिंग आपके अनुभव को बेहतर बना सकती है। वहीं सामान्य स्पीकर या बेसिक ईयरफोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को अंतर कम महसूस हो सकता है।
बेहतर म्यूजिक या कम डेटा, चुनाव आपका
YouTube Music में ऑडियो क्वालिटी बदलना आसान है, लेकिन सही विकल्प आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपकी प्राथमिकता बेहतर साउंड क्वालिटी है और आपके पास पर्याप्त इंटरनेट डेटा है, तो ‘High’ या ‘Always High’ मोड उपयोगी रहेगा। वहीं अगर आप लंबे समय तक मोबाइल डेटा पर म्यूजिक स्ट्रीम करते हैं, तो सामान्य क्वालिटी डेटा बचाने में मदद कर सकती है।
इसलिए अगली बार अगर YouTube Music पर गाने सुनते समय ऑडियो क्वालिटी कम लगे, तो ऐप की स्ट्रीमिंग और डाउनलोड सेटिंग जरूर चेक करें। कुछ आसान बदलावों के जरिए आप अपने म्यूजिक सुनने के अनुभव को अपनी जरूरत के मुताबिक बेहतर बना सकते हैं।