प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और अमित शाह की निगरानी में यमुना सफाई अभियान तेज हो गया है। जानिए कैसे सीवेज प्रबंधन, ड्रेन प्यूरीफिकेशन और ठोस कार्यों के जरिए यमुना को निर्मल बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में यमुना नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने का संकल्प अब धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। वर्षों से लंबित यमुना सफाई अभियान ने अब एक नई गति पकड़ी है, जो केवल सरकारी घोषणाओं तक सीमित न रहकर ‘जन-आस्था’ से ‘जन-भागीदारी’ में परिवर्तित हो रही है। इस मिशन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्वयं इसकी कमान संभालते हुए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
अमित शाह की समीक्षा बैठक: तय हुए स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा’
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में स्वच्छ, निर्मल और अविरल यमुना का संकल्प अब जनआस्था से जनभागीदारी और जनपरिणाम की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
आज माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यमुना से… pic.twitter.com/RdNN4qAAaK
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 8, 2026
यमुना सफाई से जुड़ी सभी प्रमुख पहलों की गहन समीक्षा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह जी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान यमुना के कायाकल्प के लिए बहुआयामी रणनीति बनाई गई है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा (Timeline) तय की गई है:
- ड्रेन प्यूरीफिकेशन: यमुना में गिरने वाले गंदे नालों को टैप करना और उन्हें शुद्ध करने की प्रक्रिया को तेज करना।
- सीवेज प्रबंधन: शहर के सीवेज नेटवर्क को सुदृढ़ करना ताकि दूषित जल नदी में न जाए।
- जल प्रवाह और गाद (Silt) की सफाई: नदी में जल के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करना और तली से गाद निकालकर उसे गहरा करना।
- अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management): नदी के किनारों पर कचरे के निपटान के लिए आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का उपयोग।
‘संकल्प से सिद्धि’ का मंत्र
प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और गृह मंत्री जी की निरंतर निगरानी में यह अभियान अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार इस दिशा में पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रही है, जिसका उद्देश्य ‘संकल्प से सिद्धि’ के मंत्र को साकार करना है। यमुना को उसकी गौरवशाली, स्वच्छ और जीवनदायिनी स्वरूप में वापस लाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी तंत्र ने अब एक कार्य-संस्कृति अपनाई है, जिसमें निर्धारित समयसीमा के भीतर ठोस और दृश्य परिणाम (Tangible Outcomes) देना प्राथमिकता है।
यमुना: दिल्ली की जीवनरेखा और गौरव
यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की जीवनरेखा है। भाजपा सरकार ने इसे एक राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में लिया है। केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संसाधनों का सही उपयोग हो और तकनीकी नवाचार के माध्यम से प्रदूषण को जड़ से मिटाया जा सके। आने वाले समय में यमुना का निर्मल रूप न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह दिल्ली के नागरिकों के लिए गौरव का विषय भी बनेगा।
एक पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण
भाजपा का मानना है कि यमुना की सफाई की दिशा में अब तक हुए प्रयासों में तालमेल की कमी थी, जिसे केंद्र सरकार ने दूर किया है। प्रत्येक परियोजना की मॉनिटरिंग सीधे शीर्ष स्तर पर की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना खत्म हुई है और कार्य की गुणवत्ता में सुधार आया है। यह पूरी प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी है, जहाँ हर नाले और हर प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।