WPI Inflation: खाद्य वस्तुओं के सस्ता होने से मार्च में 2.05% पर गिर गई, जो चार महीने में सबसे कम है।

WPI Inflation: खाद्य वस्तुओं के सस्ता होने से मार्च में 2.05% पर गिर गई, जो चार महीने में सबसे कम है।

WPI Inflation: उद्योग मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2025 में थोक मुद्रास्फीति की सकारात्मक दर का मुख्य कारण खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, खाद्य वस्तुओं, बिजली और कपड़े आदि की कीमतों में वृद्धि होगी। आइए इस बारे में अधिक जानें।

WPI Inflation: मार्च में थोक मूल्य आधारित महंगाई दर घटकर 2.0% रह गई। फरवरी में यह 2.8% था। इसकी पुष्टि मंगलवार को सरकारी आंकड़ों ने की। आंकड़े बताते हैं कि मार्च में भारत की थोक मुद्रास्फीति चार महीने के निचले स्तर पर आ गई, खाद्य पदार्थों की कीमतों में धीमी गति से वृद्धि के कारण। थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति, हालांकि सालाना आधार पर बढ़ी है। मार्च 2024 में थोक महंगाई दर 0.26% थी।

उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “मार्च 2025 में मुद्रास्फीति की सकारात्मक दर मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, खाद्य वस्तुओं, बिजली और कपड़ा विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण है।”

थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में 3.8% की खाद्य मुद्रास्फीति मार्च में 1.57% रह गई। इस दौरान सब्जियों की कीमतें बहुत गिर गईं। इस महीने सब्जियों में अवस्फीति 15.88 प्रतिशत रही, फरवरी के 5.80% की तुलना में।

किंतु फरवरी में विनिर्मित उत्पादों की थोक महंगाई 2.86% थी, मार्च में 3.07% ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति भी बढ़ी, मार्च में 0.20% रही जबकि फरवरी में 0.71% थी।

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