विप्रो Q4FY26 परिणाम: मुनाफे में गिरावट की आशंका, रेवेन्यू में मामूली बढ़त की उम्मीद

विप्रो Q4FY26 परिणाम: मुनाफे में गिरावट की आशंका, रेवेन्यू में मामूली बढ़त की उम्मीद

विप्रो 16 अप्रैल को Q4FY26 के नतीजे पेश करेगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि मुनाफे में 3.6% की गिरावट आ सकती है, जबकि Harman DTS अधिग्रहण से रेवेन्यू को सहारा मिलेगा।

दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) 16 अप्रैल को अपने जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY26) के वित्तीय नतीजे घोषित करने के लिए तैयार है। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि इस तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहेगा, जहां रेवेन्यू में तो बढ़त दिख सकती है लेकिन मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।

मुनाफे और रेवेन्यू का अनुमान

विप्रो के इस तिमाही के नतीजों को लेकर बाजार के प्रमुख आंकड़े कुछ इस प्रकार रह सकते हैं:

  • शुद्ध लाभ (Net Profit): विप्रो का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 3.66% गिरकर ₹3,438.9 करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल समान तिमाही में ₹3,569.6 करोड़ था। हालांकि, तिमाही आधार पर (Q3 के मुकाबले) इसमें 2.4% की मामूली बढ़त देखी जा सकती है।
  • कुल रेवेन्यू (Revenue): कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 7% बढ़कर ₹24,610.63 करोड़ होने की संभावना है। तिमाही आधार पर भी इसमें करीब 4% का उछाल आ सकता है।
  • डॉलर रेवेन्यू: CNBC-TV18 के पोल के अनुसार, डॉलर रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.1% बढ़कर $2,666 मिलियन रह सकता है।

मार्जिन पर रहेगा दबाव

रेवेन्यू में बढ़त के बावजूद, कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) चुनौतियों का सामना कर सकती है:

  • मार्जिन में गिरावट: EBIT मार्जिन पिछले तिमाही के 17.6% से गिरकर 17.1% पर आने का अनुमान है।
  • अधिग्रहण का सहारा: ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ 0.4–0.5% के निचले स्तर पर रहने की उम्मीद है। इसमें Harman DTS के अधिग्रहण का बड़ा योगदान (1.5-2%) रहेगा। यदि इस अधिग्रहण को हटा दिया जाए, तो ऑर्गेनिक रेवेन्यू में 1% की गिरावट देखी जा सकती है।

ब्रोकरेज फर्मों की राय

Emkay Global Financial Services के अनुसार, विप्रो के आईटी सर्विसेज रेवेन्यू में डॉलर के लिहाज से 1.4% की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, नई कंपनियों के एकीकरण (Integration costs) और वेतन वृद्धि (Wage hikes) के कारण मार्जिन पर 70 बेसिस पॉइंट का दबाव पड़ सकता है।

राहत की बात यह है कि पिछली तिमाही में हुए ‘पुनर्गठन खर्च’ (Restructuring costs) जैसे एकमुश्त खर्चों की अनुपस्थिति से ओवरऑल EBIT मार्जिन में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।

निवेशकों की नज़र इन बातों पर रहेगी:

  • FY27 गाइडेंस: कंपनी आने वाले साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर क्या लक्ष्य रखती है।
  • डील पाइपलाइन: भविष्य के लिए कंपनी के पास कितने बड़े प्रोजेक्ट्स मौजूद हैं।
  • Harman DTS का प्रदर्शन: नए अधिग्रहण का कंपनी की ग्रोथ में कितना योगदान रहता है।

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