Wipro Share Buyback: विप्रो ने किया ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक का ऐलान। प्रमोटर्स भी बेचेंगे अपनी हिस्सेदारी। जानें क्या है बायबैक की कीमत और विप्रो के तिमाही नतीजे।
आईटी दिग्गज विप्रो (Wipro) ने अपने शेयरधारकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) को मंजूरी दे दी है। विप्रो की सीएफओ (CFO) अपर्णा अय्यर के अनुसार, कंपनी के प्रमोटर ग्रुप ने भी इस बायबैक प्रक्रिया में भाग लेने की योजना बनाई है।
बायबैक की मुख्य बातें
- कुल राशि: ₹15,000 करोड़ (विप्रो का अब तक का सबसे बड़ा बायबैक)।
- शेयर की कीमत: कंपनी ₹250 प्रति शेयर की दर से शेयर वापस खरीदेगी। यह 16 अप्रैल की क्लोजिंग प्राइस से लगभग 19% प्रीमियम पर है।
- शेयरों की संख्या: कंपनी 60 करोड़ इक्विटी शेयर (कुल इक्विटी का 5.7%) वापस खरीदेगी।
- समय सीमा: यह प्रक्रिया वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही तक पूरी होने की उम्मीद है।
प्रमोटर्स की भागीदारी का महत्व
विप्रो के प्रमोटरों की इस बायबैक में हिस्सेदारी इसे इंफोसिस जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से अलग बनाती है, जिनके प्रमोटर्स ने पिछले बायबैक से दूरी बनाई थी। वर्तमान में, विप्रो के प्रमोटर्स के पास कंपनी की 72.63% हिस्सेदारी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमोटर्स की भागीदारी कंपनी के भविष्य के प्रति उनके आत्मविश्वास को दर्शाती है।
पूरे वित्त वर्ष (FY26) के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ मामूली बढ़त के साथ ₹13,197.4 करोड़ रहा, जबकि कुल राजस्व ₹92,624 करोड़ दर्ज किया गया।
AI पर जोर: सीईओ श्रीनी पल्लिया का बयान
विप्रो के सीईओ और एमडी श्रीनी पल्लिया ने कहा कि कंपनी अब एआई-नेटिव (AI-Native) बिजनेस और प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा, “एआई में प्रगति ग्राहकों की प्राथमिकताओं को बदल रही है। हम खुद को ‘सर्विसेज-एज-ए-सॉफ्टवेयर’ मॉडल की ओर ले जा रहे हैं, और ओलाम ग्रुप (Olam Group) के साथ हमारी डील इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।”