फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ की शूटिंग में 34 सितारों और 900 लोगों को मैनेज करना था बड़ी चुनौती। निर्देशक अहमद खान ने बताया कैसे सुलझाई शूटिंग की जिगसॉ पहेली।
निर्देशक अहमद खान की फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ न केवल अपने सितारों के जमघट के लिए चर्चा में है, बल्कि इसका निर्माण किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। फिल्म में 34 मुख्यधारा के अभिनेताओं का एक साथ होना दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है, लेकिन पर्दे के पीछे इस विशाल कास्ट को संभालना निर्देशक के लिए किसी पहाड़ को तोड़ने जैसा था। हाल ही में एक साक्षात्कार में, अहमद खान ने उन लॉजिस्टिकल चुनौतियों का खुलासा किया, जिन्होंने फिल्म की शूटिंग को एक पारंपरिक फिल्म सेट के बजाय एक बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट के आयोजन जैसा बना दिया था।
34 सितारों के पीछे का विशाल तंत्र
अहमद खान के अनुसार, दर्शकों को स्क्रीन पर केवल 34 कलाकार दिखते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे की वास्तविकता बहुत बड़ी है। उन्होंने बताया कि ‘वेलकम टू द जंगल’ का सेट संभालना केवल अभिनेताओं को निर्देश देने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह 700 से 900 लोगों की भीड़ को एक साथ मैनेज करने की चुनौती थी। उन्होंने गणित समझाते हुए कहा कि यदि 30 से अधिक मुख्य कलाकार हैं और हर कलाकार के साथ औसतन पांच लोगों का स्टाफ (एंटूरेज) है, तो केवल अभिनेताओं की टीम ही 150 से अधिक लोगों की हो जाती है। इसके अलावा 200 क्रू सदस्य, स्टंट टीमें, घुड़सवार और 150 से 200 बैकग्राउंड डांसरों को संभालना अपने आप में एक महा-योजना थी।
वैनिटी वैन और वाहनों का चक्रव्यूह
फिल्म की शूटिंग के लिए सबसे बड़ी बाधा पर्याप्त जगह की तलाश थी। अहमद खान ने साझा किया कि उन्हें केवल एक ग्राउंड की नहीं, बल्कि दो विशाल और आपस में जुड़े हुए मैदानों की आवश्यकता थी। इसका मुख्य कारण 50 वैनिटी वैनों को खड़ा करने के लिए जरूरी जगह थी। साथ ही, बैकग्राउंड एक्टर्स के लिए होल्डिंग एरिया और मुख्य यूनिट के लिए अलग केबिनों की व्यवस्था करना अनिवार्य था। केवल कारों की आवाजाही का आंकड़ा ही हैरान कर देने वाला था; हर दिन लगभग 200 से 250 गाड़ियां सेट पर पहुंचती थीं, जिसमें कलाकारों की निजी गाड़ियां, तकनीशियनों के वाहन, और मेकअप एवं हेयर स्टाइलिस्टों की अलग गाड़ियां शामिल थीं।
शेड्यूलिंग: एक कठिन ‘जिगसॉ पहेली’
इतने सारे सितारों की तारीखों (Dates) को एक साथ मिलाना अहमद खान के लिए एक बड़ी जिगसॉ पहेली सुलझाने जैसा था। निर्देशक ने बताया कि उन्होंने अपने ऑफिस में एक विशाल चार्ट बोर्ड लगवाया था, जिस पर हर अभिनेता की फोटो पिन की गई थी। यह केवल याददाश्त पर निर्भर रहने का काम नहीं था, बल्कि इसे रोज अपनी आंखों के सामने देखना जरूरी था ताकि हर दिन सेट पर मौजूद होने वाले लोगों की संख्या और उनके काम का सटीक अंदाजा रहे। किसी कलाकार से पांच दिन की तारीख लेना तो किसी दूसरे से आठ दिन का समय निकालना और फिर उन्हें कहानी के अनुसार दृश्यों में पिरोना, वास्तव में एक कुशल रणनीति का परिणाम था।
सौहार्द और टीम वर्क का माहौल
भले ही सेट पर भारी गर्मी, सख्त समय-सीमा और हजारों लोगों का प्रबंधन करना था, लेकिन अहमद खान ने संतोष व्यक्त किया कि शूटिंग के दौरान अभिनेताओं के बीच किसी भी प्रकार का ‘ईगो क्लैश’ देखने को नहीं मिला। सभी सितारे इस विशाल आयोजन का हिस्सा बनने के लिए एक साथ आए और उन्होंने इसे एक बेहतरीन अनुभव के रूप में लिया। कैमरा फ्रेम सेट करना, भौतिक सेट बनाना और फिर उन पर काम करना—यह सब एक टीम के रूप में किए गए अथक प्रयासों का नतीजा था।
क्या है ‘वेलकम टू द जंगल’ में?
यह फिल्म अपनी कॉमेडी और सितारों की भरमार के लिए चर्चा में है। फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकी श्रॉफ, कृष्णा अभिषेक, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, परेश रावल, अरशद वारसी, फरीदा जलाल और लारा दत्ता जैसे कई नामचीन सितारे हैं। ‘वेलकम टू द जंगल’ केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा लॉजिस्टिकल अनुभव है, जो यह साबित करता है कि जब बड़े सितारे एक साथ जुड़ते हैं, तो उनकी भव्यता पर्दे के साथ-साथ पर्दे के पीछे के प्रयासों में भी दिखती है। अहमद खान का यह प्रबंधन कौशल आने वाली फिल्मों के लिए एक बेंचमार्क बन सकता है कि कैसे इतने बड़े पैमाने पर सितारों के साथ काम किया जा सकता है।