मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा में सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगी है। जानें देशभर के मौसम का ताजा हाल।
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ने लगी है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तमिलनाडु के कई जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट से सर्दी का असर बढ़ रहा है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को मौसम की अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तमिलनाडु तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।
इसके अलावा 21 से 26 अक्टूबर के बीच दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा, यनम और माहे में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। मौसम विभाग ने तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
तमिलनाडु के 17 जिलों में येलो अलर्ट
तमिलनाडु में बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने 23 अक्टूबर तक चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कुड्डालोर और तिरुचि समेत 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने की संभावना है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल व्यापक स्तर पर महत्वपूर्ण मौसम गतिविधि की संभावना नहीं है। पूर्वोत्तर के असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मौसम में बदलाव हो सकता है। इसलिए किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि की योजना बनाने से पहले अपने क्षेत्र का ताजा पूर्वानुमान देखना बेहतर रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में बढ़ने लगी ठंड
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा के कई इलाकों में तापमान में बदलाव के कारण लोगों को हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। दिन के समय धूप रहने से गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है।
वहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से सर्दी का असर बढ़ा है। पहाड़ी इलाकों में तापमान गिरने के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को गर्म कपड़े रखने तथा यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
Jagran Josh
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मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की दी सलाह
दक्षिण भारत में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहना सुरक्षित रहता है। तेज बारिश के समय जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचना चाहिए और समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है, जबकि उत्तर भारत में ठंड धीरे-धीरे अपना असर दिखा रही है। पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है। मौसम की इन बदलती परिस्थितियों के बीच लोगों को अपने शहर का ताजा पूर्वानुमान और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियां नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए।