Visa ने 2026 में करीब 2,600 कर्मचारियों यानी अपने वैश्विक वर्कफोर्स के लगभग 7% की छंटनी की घोषणा की है। इस फैसले का असर भारत की टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट टीमों पर भी पड़ा है। जानिए छंटनी की वजह और पूरी जानकारी।
डिजिटल पेमेंट और वैश्विक वित्तीय सेवाओं की दिग्गज कंपनी Visa ने हाल के वर्षों की अपनी सबसे बड़ी छंटनी (Layoffs) की घोषणा की है। कंपनी ने दुनिया भर में लगभग 2,600 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है, जो उसके कुल वैश्विक कार्यबल का करीब 7 प्रतिशत है। इस फैसले का असर कई देशों में काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ा है, जिसमें भारत भी शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में विशेष रूप से टेक्नोलॉजी (Technology) और प्रोडक्ट (Product) टीमों के कर्मचारियों पर इस छंटनी का सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है।
वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियों में लागत कम करने, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच Visa का यह कदम चर्चा का विषय बन गया है। कंपनी ने अभी तक सभी प्रभावित कर्मचारियों की संख्या और स्थानों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन यह छंटनी वित्तीय क्षेत्र में भी बदलती कारोबारी रणनीतियों की ओर इशारा करती है।
Visa ने क्यों लिया बड़ा फैसला?
हालांकि Visa ने छंटनी के पीछे किसी एक विशेष कारण का आधिकारिक तौर पर उल्लेख नहीं किया है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी अपने परिचालन को अधिक कुशल बनाने, लागत घटाने और भविष्य की तकनीकों में निवेश बढ़ाने के लिए संगठनात्मक पुनर्गठन (Organizational Restructuring) कर रही है।
पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक टेक कंपनियां अपने खर्चों को नियंत्रित करने और AI आधारित समाधानों पर अधिक ध्यान देने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। Visa का यह कदम भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत में टेक और प्रोडक्ट टीम पर सबसे ज्यादा असर
भारत Visa के लिए एक महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब है। कंपनी के बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में बड़े कार्यालय हैं, जहां हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में सबसे अधिक असर टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट से जुड़े कर्मचारियों पर पड़ा है। हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भारत में कुल कितने कर्मचारियों की नौकरी जाएगी, लेकिन कई टीमों में पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
2025 में बढ़ी थी कर्मचारियों की संख्या
Visa की वित्त वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी में दुनिया भर में लगभग 34,100 कर्मचारी कार्यरत थे, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक थे।
भारत में ही Visa के 3,500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। देश में कंपनी का फोकस डिजिटल भुगतान तकनीक, साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों पर रहा है।
अब इतने बड़े स्तर पर छंटनी का फैसला इस बात का संकेत है कि कंपनी अपने वैश्विक परिचालन ढांचे में बड़े बदलाव कर रही है।
टेक सेक्टर में जारी है छंटनी का दौर
Visa अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जिसने हाल के समय में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की हो। पिछले दो वर्षों में कई वैश्विक टेक और फिनटेक कंपनियों ने लागत कम करने और परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि AI, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के बढ़ते प्रभाव के कारण कंपनियां अब उन भूमिकाओं पर अधिक ध्यान दे रही हैं जो भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर?
इस छंटनी का असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जो लंबे समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए थे। हालांकि, बड़ी कंपनियां आमतौर पर प्रभावित कर्मचारियों को नोटिस पीरियड, सेवेरेंस पैकेज (Severance Package), स्वास्थ्य लाभ और नई नौकरी खोजने में सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पेमेंट और फिनटेक सेक्टर में कुशल तकनीकी पेशेवरों की मांग अभी भी बनी हुई है। ऐसे में प्रभावित कर्मचारियों के लिए नई नौकरी के अवसर मिलने की संभावना भी अच्छी मानी जा रही है।
आगे क्या?
Visa का यह फैसला दर्शाता है कि वैश्विक कंपनियां अब तेजी से बदलते कारोबारी माहौल, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नई तकनीकों के अनुरूप अपने संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित कर रही हैं। आने वाले समय में कंपनी का फोकस AI, साइबर सुरक्षा, डिजिटल भुगतान और उन्नत तकनीकी समाधानों पर अधिक रहने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों के लिए यह संकेत है कि बड़ी कंपनियां लाभप्रदता और दक्षता बढ़ाने के लिए कठिन फैसले लेने से पीछे नहीं हट रही हैं। वहीं कर्मचारियों के लिए यह समय लगातार नई तकनीकों को सीखने, कौशल विकास (Upskilling) और बदलती उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार रखने का है।