विराट कोहली ने बताया कि बड़े मुकाबलों में सीनियर खिलाड़ियों और टीम लीडर्स का मुस्कुराते हुए सकारात्मक माहौल बनाए रखना बाकी खिलाड़ियों का दबाव कम करता है।
भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने टीम के वातावरण और सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। भारत के कप्तान विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में अपने प्रदर्शन पर चर्चा की। कोहली ने इस दौरान कहा कि बड़े और दबाव वाले मुकाबलों में टीम के सीनियर खिलाड़ी मैदान पर मुस्कुराते हुए बाकी खिलाड़ियों को मदद करते हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठ खिलाड़ियों और टीम लीडर्स युवा खिलाड़ियों को विश्वास दिलाते हैं कि सब कुछ नियंत्रण में है और उन्हें ज्यादा दबाव नहीं देना चाहिए।
मैच जीतने वाली पारियां गिल और कोहली ने कीं
भारतीय टीम ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295 रन बनाए। विराट कोहली और शुभमन गिल की शानदार शतकीय पारियों के दम पर भारत ने इसके जवाब में लक्ष्य आसानी से हासिल किया।
विराट कोहली ने 139 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने 110 रन की पारी खेली। भारत ने दोनों बल्लेबाजों की पारियों से तीन मैचों की सीरीज में पहली बढ़त हासिल की। मुकाबले के बाद, दोनों खिलाड़ियों ने अपनी पारियों के बारे में बातचीत की, साथ ही टीम के बारे में भी।
कोहली के 15 हजार वनडे रन पूरे करने पर गिल ने खुशी जताई
बातचीत के दौरान शुभमन गिल ने विराट कोहली की मौजूदा फॉर्म और उनके आत्मविश्वास की भी प्रशंसा की। गिल ने कहा कि वह बचपन से ही कोहली को अपना प्रेरणास्त्रोत मानते आए हैं। ऐसे में, महत्वपूर्ण उपलब्धि के समय उनके साथ मौजूद रहना उनके लिए एक विशिष्ट अनुभव था।
वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले वनडे में विराट कोहली ने 15,000 रन पूरे किए। वह दुनिया में इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गया। गिल ने कहा कि कोहली की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और सहजता का प्रभाव मैदान के बाहर भी दिखाई देता है।
कोहली ने सीनियर खिलाड़ियों को बताया
विराट कोहली ने कहा कि टीम में आने से ही उन्होंने शुभमन गिल के साथ आराम से काम किया है। अब गिल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि कोहली टीम में सीनियर खिलाड़ी हैं। कोहली ने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों की जिम्मेदारी केवल रन बनाने या मैदान पर प्रदर्शन करने तक सीमित नहीं रहती।
उन्होंने कहा कि टीम के सीनियर खिलाड़ी या लीडर दबाव के दौरान भी हंसते, हंसते रहते हैं, तो बाकी खिलाड़ियों को भी मानसिक राहत मिलती है। युवा खिलाड़ियों को पता चलता है कि टीम को घबराहट नहीं है और स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
दबाव वाले मैच में भी शांत रहना आवश्यक है
विराट कोहली ने कहा कि क्रिकेट में बहुत से मुकाबले बहुत दबावपूर्ण होते हैं। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में, छोटी-सी गलती भी मैच की दिशा बदल सकती है। यही कारण है कि खिलाड़ियों पर मानसिक बोझ बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन टीम के अनुभवी खिलाड़ियों को सकारात्मक रवैया बनाए रखना भी बाकी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकता है।
कोहली ने कहा कि मैदान पर हंसी-मजाक और सहज वातावरण का मतलब नहीं है कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन पर गंभीर नहीं हैं। मैदान पर पेशेवर रवैया बनाए रखते हुए खिलाड़ी मुस्कुरा सकते हैं और एक-दूसरे के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं, उन्होंने जोर दिया।
प्रोफेशनल रहें, लेकिन दबाव से बचें
विराट कोहली ने बताया कि टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों का व्यवहार बाकी खिलाड़ियों को बताता है। ड्रेसिंग रूम का वातावरण प्रभावित हो सकता है अगर कप्तान और सीनियर खिलाड़ी लगातार तनाव में रहते हैं। विपरीत, अगर वे सकारात्मक और आत्मविश्वास से मैदान पर रहें तो टीम के अन्य खिलाड़ी भी उसी ऊर्जा से खेल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मैच का महत्व जानते हुए भी हंस, मुस्कुरा और माहौल को सामान्य रख सकते हैं। उन्हें लगता है कि हल्के वातावरण में पूरी तरह से पेशेवर बने रहना असली चुनौती है।
गिल का नेतृत्व और कोहली का अनुभव
भारतीय टीम का नेतृत्व अब शुभमन गिल कर रहे हैं, जबकि विराट कोहली का लंबे समय का अंतरराष्ट्रीय अनुभव टीम के लिए महत्वपूर्ण है। गिल ने कोहली की बल्लेबाजी और आत्मविश्वास पर भी चर्चा की है। भारतीय टीम के लिए दोनों के बीच संवाद और मैदान पर तालमेल महत्वपूर्ण हैं।
दोनों ने पहले वनडे में बल्लेबाजी भी की। भारतीय टीम अब इसी सकारात्मक वातावरण और प्रदर्शन को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के अगले मुकाबलों में भी बनाए रखना चाहेगी। कोहली ने स्पष्ट रूप से कहा कि टीम की सफलता केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों में भरोसा और एक सहज वातावरण से भी जुड़ी हुई है।