Vaishakh Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है? जानें पूजा की प्रक्रिया और महत्व

Vaishakh Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है? जानें पूजा की प्रक्रिया और महत्व

Vaishakh Purnima 2025: वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल की पूजा करने से भगवान विष्णु की बहुत कृपा मिलती है क्योंकि माना जाता है कि पीपल के वृक्ष में स्वयं श्रीहरि का निवास है। इसलिए यह दिन बहुत शुभ और पवित्र है।

Vaishakh Purnima 2025: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का बहुत महत्व है, वैशाख की पूर्णिमा को बहुत पुण्यदायक माना जाता है। इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होंगी। इसलिए इसे पीपल पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। 12 मई इस वर्ष की पावन तिथि है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल की पूजा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है क्योंकि पीपल के वृक्ष में स्वयं श्रीहरि का निवास होता है। इसलिए यह दिन बहुत शुभ और पवित्र है।

बुद्ध का जन्मदिन

वैशाख पूर्णिमा को भगवान बुद्ध, या विष्णु का नवें अवतार, भी मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि बोधि वृक्ष (पीपल) के नीचे उन्हें ज्ञान मिला। उन्हें इसी वृक्ष के नीचे छह वर्षों तक तपस्या की, और पूर्णिमा के दिन उन्हें बोधि प्राप्त हुई।

पितरों की तृप्ति के लिए उत्तम दिन

इस दिन पीपल की पूजा करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं। यह भी कहा जाता है कि इस दिन पीपल का पौधा रोपना शुभ है। यदि दूध, जल और काले तिल पीपल पर चढ़ाए जाएं, तो पितरों की कृपा मिलेगी।

पीपल की पूजा करने का तरीका

बुद्ध पूर्णिमा के दिन सूर्योदय के बाद पीपल पर दूध और जल चढ़ाएं और पूर्व या उत्तर दिशा में मुख रखकर वृक्ष की तीन परिक्रमा करें। धार्मिक मत है कि सुबह पीपल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश रहते हैं। वहीं, दिन में मां लक्ष्मी का निवास होता है, जो घर को सुख-समृद्धि देता है।

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