जिम्बाब्वे में चमके 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी: प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने के बाद बोले—’यह तो बस शुरुआत है’

जिम्बाब्वे में चमके 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी: प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने के बाद बोले—'यह तो बस शुरुआत है'

 

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ T20I सीरीज में 196 के स्ट्राइक रेट से बनाए 151 रन। प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने के बाद कही यह बड़ी बात।

इंग्लैंड के खिलाफ अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय दौरे पर खामोश रहने के बाद 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) सीरीज में अपनी धाक जमाई है। शुरुआती झिझक को पीछे छोड़ते हुए इस युवा वामहस्त बल्लेबाज ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शानदार वापसी की और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ (Player of the Series) का पुरस्कार अपने नाम किया।

शृंखला में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह तो केवल उनकी शुरुआत है और उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लंबी पारियां खेलकर बड़े मुकाम हासिल करना है।

तीसरे T20I में 81 रनों की तूफानी पारी और 3-0 से क्लीन स्वीप

हरारे में खेले गए सीरीज के तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जमकर गरजा। उन्होंने महज 49 गेंदों में 81 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 192 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में मेजबान जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 157 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 35 रनों से जीतकर सीरीज में 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया।

वैभव ने सीरीज की तीन पारियों में दो अर्धशतकों की मदद से कुल 151 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 196.10 का रहा, जो टी20 प्रारूप में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली और पावरप्ले का फायदा उठाने की क्षमता को दर्शाता है।

वैभव सूर्यवंशी का बयान: ‘मैन ऑफ द मैच और सीरीज जीतना एक सपने जैसा’

मैच और शृंखला समाप्त होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने टीम प्रबंधन के सहयोग को अपनी सफलता की मुख्य वजह बताया।

वैभव ने कहा, “यह बहुत ही खास और शानदार अहसास है। मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज की ट्रॉफी जीतना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। जिम्बाब्वे आने से पहले हमारी तैयारी बहुत अच्छी रही थी। कोच वीवीएस लक्ष्मण और कप्तान दोनों ने ही मुझ पर पूरा भरोसा जताया और मुझे खुलकर खेलने की आजादी दी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपने स्वाभाविक टी20 गेम को खेलने की कोशिश की। मेरा मुख्य उद्देश्य टीम को पावरप्ले में एक आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाना होता है, और एक बार जब शुरुआत अच्छी मिल जाए तो उस पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करने का प्रयास रहता है।”

हरारे स्पोर्ट्स क्लब बना वैभव का पसंदीदा मैदान

ज़िम्बाब्वे की राजधानी हरारे में स्थित हरारे स्पोर्ट्स क्लब का मैदान 15 साल के इस उभरते सितारे के लिए बेहद लकी साबित हो रहा है। इसी मैदान पर इस वर्ष की शुरुआत में आयोजित अंडर-19 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में वैभव ने शानदार अर्धशतक और फिर फाइनल मुकाबले में यादगार शतक जड़कर भारत को विश्व चैंपियन बनाया था।

अपने इस पसंदीदा मैदान पर बात करते हुए वैभव ने कहा, “मैंने यहीं हरारे में अंडर-19 विश्व कप खेला था और इस मैदान पर बल्लेबाजी करना मुझे बहुत पसंद है। अभ्यास सत्रों में मैं जो शॉट्स खेलने की तैयारी करता हूँ, मैचों के दौरान भी बिल्कुल उसी रणनीति और शॉट्स को मैदान पर दोहराने (replicate) का प्रयास करता हूँ।”

वीवीएस लक्ष्मण की भविष्यवाणी: ‘वैभव में सारे अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने का जज्बा’

भारतीय टीम के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण वैभव सूर्यवंशी की मानसिकता और उनके दृष्टिकोण से बेहद प्रभावित हैं। हालांकि, तीसरे मैच में 81 रन पर आउट होने के बाद वैभव शतक न बना पाने से थोड़े निराश थे, लेकिन कोच लक्ष्मण ने उनके उज्ज्वल भविष्य पर अटूट विश्वास जताया।

वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, “वह शतक चूकने से निराश जरूर था, लेकिन हमने उसे समझाया कि यह न तो पहला मौका था और न ही आखिरी, जब उसे अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने का अवसर मिलेगा। उसके सामने एक लंबा और शानदार करियर पड़ा हुआ है। उसके पास खुद को हर दिन बेहतर बनाने का सही एटीट्यूड और माइंडसेट है। मुझे पूरा भरोसा है कि वह आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। उसके पास ऐसा करने की पूरी काबिलियत और क्षमता है।”

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