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उत्तराखंड में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों को दिवाली से पहले जिला परिवर्तन का मौका मिला। 5 साल सेवा के बाद अब एक बार जिला बदलने का लाभ उठाएं। पढ़ें पूरी जानकारी।
उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी करते हुए उन्हें एक बड़ा तोहफा दिया है। अब पांच साल की संतोषजनक सेवा के बाद ये कर्मचारी पूरे सेवाकाल में एक बार जिला परिवर्तन का लाभ उठा सकेंगे। यह फैसला दीपावली से पहले लिया गया है, जिससे 2200 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को राहत मिली है।
क्या है नई व्यवस्था?
पहले स्वास्थ्य विभाग में तैनात एएनएम और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अपने जिला कैडर से बाहर स्थानांतरण नहीं कर सकते थे और पूरी सेवा उसी जिले में देनी होती थी। लेकिन अब सरकार ने पारस्परिक स्थानांतरण की अनुमति दी है। इसका मतलब है कि कर्मचारी अपनी संपूर्ण सेवा अवधि में एक बार एक दूसरे जिले में स्थानांतरण करवा सकेंगे।
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निर्णय के पीछे की वजह
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह निर्णय कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। कई एएनएम और पर्यवेक्षक गंभीर व्यक्तिगत कारणों से अन्य जनपदों में स्थानांतरण चाहते थे, लेकिन नियमावली में इसकी अनुमति नहीं थी। इस समस्या को दूर करने के लिए कैबिनेट ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
स्वास्थ्य विभाग की वर्तमान स्थिति
प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में कुल 2295 एएनएम पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 2083 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं और 212 पद खाली हैं। वहीं, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के 338 पद हैं, जिनमें से 157 भरे हुए हैं जबकि 181 पद रिक्त हैं। यह नई व्यवस्था इन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सहूलियत साबित होगी।