UP Stamp Department Transfer News: यूपी स्टांप विभाग में 114 कर्मियों के ट्रांसफर पर सीएम योगी ने लगाई रोक, दिए जांच के आदेश

UP Stamp Department Transfer News: यूपी स्टांप विभाग में 114 कर्मियों के ट्रांसफर पर सीएम योगी ने लगाई रोक, दिए जांच के आदेश

UP Stamp Department Transfer News 2025: सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी स्टांप विभाग में 114 कर्मियों के ट्रांसफर पर रोक लगाई और जांच के आदेश दिए। जानिए पूरी जानकारी और मंत्री रवींद्र जायसवाल का बयान।

UP Stamp Department Transfer News: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टांप और पंजीयन विभाग में हुए 114 कर्मियों के ट्रांसफर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश भी दे दिए हैं। इस फैसले से प्रदेश प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है।

क्या है पूरा मामला?

राज्य के महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा 13 और 14 जून 2025 को कई आदेश जारी किए गए थे, जिनमें—

  • 58 उपनिबंधकों का ट्रांसफर

  • 1 उपनिबंधक का अलग से स्थानांतरण

  • 29 नव-प्रोन्नत उपनिबंधकों को नई तैनाती

  • और 114 कनिष्ठ सहायक निबंधन कर्मियों का स्थानांतरण शामिल था।

इन ट्रांसफर ऑर्डर के जारी होने के बाद शासन द्वारा स्थिति की समीक्षा की गई और इन सभी स्थानांतरण/तैनाती आदेशों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने क्यों दिए जांच के आदेश?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जानकारी मिली कि स्टांप विभाग में स्थानांतरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं। कुछ ऐसे अधिकारियों को बड़े जिलों में पोस्ट किया गया जिनके खिलाफ शिकायतें और जांच लंबित हैं। यही नहीं, 12वीं पास बाबुओं को सब-रजिस्ट्रार बना दिया गया, जिससे कार्यक्षमता और पारदर्शिता पर सवाल उठे।

मंत्री रविंद्र जायसवाल का बयान

स्टांप पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा, “मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा सख्त रुख रखते हैं। लेकिन इस बार नीचे के अधिकारियों ने बिना अनुमति ट्रांसफर किए। कुछ कर्मियों को ऐसे जिलों में भेजा गया जहां शिकायतें लंबित थीं। यह गंभीर मामला है, इसलिए ट्रांसफर पर रोक लगाई गई है और जांच के आदेश दिए गए हैं।”उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में जो भी दोषी अधिकारी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितने भी उच्च पद पर क्यों न हो।

क्या है आदेश में लिखा?

प्रमुख सचिव अमित गुप्ता द्वारा हस्ताक्षरित सरकारी ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि, “शासन द्वारा सम्यक विचारोपरांत, तात्कालिक प्रभाव से उपरोक्त सभी स्थानांतरण/तैनाती आदेशों को अगले आदेशों तक स्थगित किया जाता है।”

इस मामले की जांच से क्या उम्मीद की जा रही है?

  • ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता की पुनर्स्थापना

  • योग्य और दोषमुक्त अधिकारियों की नियुक्ति

  • नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

  • भ्रष्टाचार पर लगाम

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