UP News: अयोध्या में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए योगी सरकार ने 900 करोड़ रुपये की लागत से 20 किमी लंबे ‘भरत पथ’ के निर्माण का ऐलान किया है। जानिए इसकी खासियत और धार्मिक महत्व।
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में अयोध्या के तेजी से हो रहे विकास में एक और महत्वपूर्ण परियोजना जुड़ गई है। सरकार अब भरतकुंड को अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ने के लिए एक नया ‘भरत पथ’ बना रही है। इस प्रोजेक्ट की लंबाई 20 किलोमीटर होगी और इस पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
भरत पथ: कहां से कहां तक और कैसी होगी सड़क
यह नया मार्ग रानोपाली रेलवे क्रॉसिंग से शुरू होकर विद्याकुंड, दर्शननगर होते हुए सीधे भरतकुंड तक जाएगा। मौजूदा टू-लेन सड़क को चौड़ा कर दोनों ओर 9-9 मीटर चौड़ी सड़क और बीच में 2.5 मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। इसे राम पथ की तर्ज पर एक भव्य, सुरक्षित और श्रद्धा से युक्त मार्ग के रूप में तैयार किया जाएगा।
भरतकुंड का पौराणिक महत्व और भरत पथ की जरूरत
भरतकुंड वह स्थान है जहां भगवान राम के भाई भरत ने 14 वर्षों तक तपस्या की थी और यहीं उन्होंने राजा दशरथ का पिंडदान भी किया था। यह स्थान प्रयागराज और पूर्वांचल से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास धार्मिक आस्था का केंद्र है। भरत पथ के निर्माण से इस ऐतिहासिक स्थल तक पहुंचना और आसान हो जाएगा।
भक्ति और सुविधा दोनों का संगम होगा भरत पथ
इस सड़क को न केवल श्रद्धा का प्रतीक बनाया जाएगा, बल्कि इसमें आधुनिक सुविधाएं जैसे कि स्ट्रीट लाइटिंग, सुरक्षा व्यवस्था और संकेतक आदि भी होंगे। यह परियोजना अयोध्या में बढ़ते श्रद्धालु ट्रैफिक को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
DPR तैयार, अब सरकार की मंजूरी का इंतजार
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता एसपी भारती ने बताया कि ‘भरत पथ’ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाकर मुख्यालय को भेज दी गई है। जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलती है, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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