केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री श्री जयंत चौधरी ने मुंबई के सायन में नवीनीकृत राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) का उद्घाटन किया

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री श्री जयंत चौधरी ने मुंबई के सायन में नवीनीकृत राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) का उद्घाटन किया

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री: हमें कौशल विकास को आकांक्षी बनाना होगा अगर हमारा उद्योग जगत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना चाहता है, तो हमें कार्यबल के विकास पर ध्यान देना होगा

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री श्री जयंत चौधरी ने आज मुंबई के सायन में नवीनीकृत राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के कौशल, उद्यमिता, रोजगार एवं नवाचार मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी उपस्थित थे।

 

नए भवन के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने कहा, ‘यह अपार हर्ष का क्षण है कि 60 साल पुराने इस प्रतिष्ठित संस्थान को अब एक नया भवन मिल गया है। हमारे साझेदार टाटा समूह भी आज यहां मौजूद है और इसी परिसर में भारतीय कौशल संस्थान भी बनाया जा रहा है।’

मंत्री ने कौशल विकास के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कौशल विकास के बारे में काफी उत्साह से बातें की थीं, जिससे इस क्षेत्र को नई ऊर्जा मिली है। हमें कौशल विकास को आकांक्षी बनाना होगा। हमें एक ऐसा माहौल तैयार करना होगा, जहां हर बच्‍चा 12वीं के बाद डिग्री के बजाय व्यावसायिक पाठ्यक्रम अथवा लघु अवधि का कोई आईटीआई कोर्स करने की इच्‍छा रखे। अगर कोई मुंबई विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रम कर रहा है, तो उसे पता होना चाहिए कि राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत छात्रों को इंटर्नशिप या अप्रेंटिसशिप से 50 प्रतिशत क्रेडिट के साथ 50 प्रतिशत अकादमिक क्रेडिट की सुविधा दी गई है। छात्रों के बीच इस नई जागरूकता को पैदा करने की जरूरत है।’

श्री चौधरी ने कौशल विकास के बुनियादी ढांचे की स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र में 1,000 से अधिक आईटीआई हैं, जो देश के कुल आईटीआई का करीब 66 प्रतिशत है। हम सब के लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और हमें इन प्रशिक्षण संस्‍थानों में सुधार करना चाहिए, उन्‍हें विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करना चाहिए और अपने प्रशिक्षकों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना चाहिए।’

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री ने कुशल जनशक्ति के निर्माण में उद्योग की भूमिका के बारे में बताते हुए कहा, ‘देश की वित्तीय राजधानी कहे जाने वाले महाराष्ट्र में उद्योग भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज हमारे उद्योग भागीदार प्रशिक्षुओं को ले रहे हैं और सीएसआर के जरिये इस क्षेत्र में निवेश भी कर रहे हैं। अगर उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना चाहता है, तो उसे अपने कार्यबल के विकास पर अवश्‍य ध्यान देना होगा। मैं उन कॉरपोरेट भागीदारों को बधाई देता हूं जो अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक हैं।’ मंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा, ‘हमें साथ मिलकर प्रयास करना चाहिए और साथ मिलकर समृद्ध होना चाहिए। भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने का हमारा सपना तभी पूरा होगा जब हम सामूहिक रूप से आगे बढ़ेंगे।’

इस अवसर पर एनएसटीआई और एमडीएल, बीएआरसी एवं डीवीईटी जैसे संस्थानों और राज्‍य सरकार के विभिन्‍न विभागों के बीच कौशल विकास के लिए कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। ये समझौते कौशल आधारित शिक्षा में मुंबई के एनएसटीआई की अग्रणी भूमिका को मजबूती प्रदान करते हैं। साथ ही इससे विशेष प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम प्रदान करने की संस्थान की क्षमता बेहतर होगी और उसे क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।

कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री ने नवीनीकृत कार्यशाला अनुभाग मोटर मैकेनिक व्‍हीकल सेक्‍शन और वेल्‍डर सेक्‍शन का भी अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ उद्घाटन किया।

श्री जयंत चौधरी और श्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने टाटा-आईआईएस लैब्स एनएस का भी दौरा किया और प्रशिक्षुओं से बातचीत की।

कार्यक्रम की शुरुआत कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की डीजीटी महानिदेशक (प्रशिक्षण) सुश्री त्रिशालजीत सेठी के संबोधन से हुआ। धन्यवाद ज्ञापन आरडीएसडीई महाराष्ट्र एवं गोवा  के क्षेत्रीय निदेशक श्री सी. एस. मूर्ति ने दिया।

नवीनीकृत बुनियादी ढांचे के बारे में

हाल के वर्षों में एनएसटीआई मुंबई ने अपने प्रशासनिक भवन एवं विभिन्न अनुभागों के नवीनीकरण और बुनियादी ढांचे के उन्‍नयन में काफी निवेश किया है। इसके अलावा स्ट्राइव परियोजना के तहत विश्व बैंक की फंडिंग के जरिये नई मशीनरी खरीदी गई है। इससे वेल्डर, मोटर मैकेनिक व्‍हीकल और टर्नर अनुभागों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज उनका उद्घाटन किया गया।

राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान के बारे में

मुंबई का राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय के अंतर्गत एक प्रमुख संस्थान है। यह संस्‍थान विभिन्‍न उद्योगों के लिए कुशल जनशक्ति विकसित करने और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में अग्रणी है। प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया मिशन के तहत एनएसटीआई मुंबई विश्वस्तरीय मानकों को पूरा करने के लिए अपनी सुविधाओं का विस्तार और उन्नयन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एनएसटीआई मुंबई पिछले करीब 60 वर्षों से कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। वह अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के पाठ्यक्रमों की सुविधा प्रदान करता है। यह संस्थान 10 ट्रेडों में शिल्पकार प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना (सीआईटीएस), 3 ट्रेडों में शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) और आईबीएम के साथ साझेदारी के तहत आईटी, नेटवर्किंग एवं क्लाउड कंप्यूटिंग में डिप्लोमा प्रदान करता है। इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर और वेल्डिंग जैसे लोकप्रिय ट्रेडों के साथ एनएसटीआई मुंबई विभिन्न कार्यक्रमों में हर साल करीब 600 प्रशिक्षुओं को दाखिला देता है। इसके अलावा, यह संस्थान 13 क्षेत्रों में अल्पकालिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसमें एक से चार सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम होते हैं। इन कार्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किए जाते हैं।

एनएसटीआई मुंबई कौशल आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाने और बेहद कुशल कार्यबल तैयार करते हुए देश के विकास में योगदान देने के लिए समर्पित है।

अनुलग्नक:

एनएसटीआई मुंबई के साथ निम्नलिखित समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया:

 

क्रम संख्‍या एमओयू पर हस्‍ताक्षर करने वाले संस्‍थान का नाम उद्देश्‍य
1 मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) एनएसटीआई मुंबई में अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम और टेलर मेड प्रोग्राम के जरिये अपने करीब 1,000 कर्मचारियों के कौशल विकास को बढ़ावा देना
2 भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई (बार्क) 13 ट्रेडों में 3,730 कैट 2 प्रशिक्षुओं की भर्ती के लिए कौशल परीक्षण का आयोजन
3 एनएसटीआई फॉर विमेन के साथ इन्फॉर्मेटिक्स ई-टेक (इंडिया) लिमिटेड, ठाणे सीओपीए, कंप्‍यूटर सॉफ्टवेयर एंड एप्‍लीकेशन और एडवांस्‍ड डिप्‍लोमा इन इन्‍फॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी के करीब 100 प्रशिक्षुओं को प्लेसमेंट, अप्रेंटिसशिप और नौकरी के दौरान प्रशिक्षण (ओजेटी)
4 एनएसटीआई फॉर वूमेन के साथ टेक्नोक्राफ्ट, अमरावती सीटीएस और सीआईटीएस प्रशिक्षण के ड्रेस मेकिंग के लिए प्लेसमेंट, अप्रेंटिसशिप और नौकरी के दौरान प्रशिक्षण (ओजेटी)
5 व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, पुणे (डीवीईटी), महाराष्ट्र सरकार अल्पावधि प्रशिक्षण के जरिये 1,000 संकायों का कौशल उन्नयन

 

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