हरदोई जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में शुरू हुआ “समुदाय कार्यक्रम”, लोगों की भागीदारी से पूरे प्रदेश में ग्रामीण विकास का एक उदाहरण बन गया है।
उत्तर प्रदेश के गांव, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में, पिछड़ेपन की छवि को तोड़कर विकास की नई मिसाल बनते जा रहे हैं। अब हरदोई जिले में उनके नेतृत्व में शुरू हुआ “समुदाय कार्यक्रम”, जनसहभागिता से पूरे प्रदेश में ग्रामीण विकास का उदाहरण बन चुका है।
इस कार्यक्रम ने हरदोई में पिछले आठ वर्षों में गांवों की छवि ही बदल दी है। जिन गांवों को पहले लोग सुविधाहीन और पिछड़े समझते थे, वे आज तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में मिसाल बन गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा के अनुसार, इस कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक बढ़ाकर राज्य के अन्य जिलों में भी प्रसारित किया जाएगा।
इसे मुख्य सचिव ने मान्यता दी
इस विस्तार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मंजूर किया है। हरदोई के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि “समुदाय” कार्यक्रम 2016 में केवल 10 ग्राम पंचायतों और 25 हजार लोगों से शुरू हुआ था, लेकिन अब 524 ग्राम पंचायतों और 29 लाख से अधिक लोग इसमें शामिल हैं।
एचसीएल फाउंडेशन इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके परिणामस्वरूप खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यावरण और जल-स्वच्छता क्षेत्रों में अविश्वसनीय प्रगति हुई है। 47,000 शिक्षकों ने डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण लिया है और 30,000 बच्चों को कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी गई है।
हरदोई में 100 स्मार्ट आंगनवाड़ी
करीब 1.45 लाख बच्चों को हरदोई के गांवों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिसमें 100 स्मार्ट आंगनवाड़ी और 814 आधुनिक क्लासरूम बनाए गए हैं। साथ ही, महिलाओं की आजीविका के लिए 31,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह डेयरी, बुनकरी, चिखनकारी और पोल्ट्री में काम करते हैं। “एफपीओ”, यानी किसान उत्पादक संगठन, भी किसानों को 32.68 करोड़ रुपये का लाभ दिया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 8.9 लाख ग्रामीणों को टेलीमेडिसिन उपलब्ध है। 2.15 लाख बच्चों की पोषण जांच की गई, जिससे किशोरों में एनीमिया या खून की कमी की दर में 22 प्रतिशत की कमी आई है।
समुदाय कार्यक्रम ने जल और ऊर्जा संरक्षण में भी मिसाल कायम की है। 32 सौर ऊर्जा-आधारित मिनी ग्रिड, 186 संस्थानों में सोलर पैनल और 44 सोलर पंप लगाए गए हैं। साथ ही, 37,000 से अधिक लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया है और 18 तालाबों का पुनरुद्धार किया गया है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में रहने वाले 70% लोग गांवों में रहते हैं। अब राज्य सरकार का जोर सिर्फ योजनाओं को लागू करने पर नहीं बल्कि जनता की भागीदारी से स्थायी और प्रभावी विकास करने पर है। पूरे राज्य के गांवों में विकास का नया चेहरा अब “समुदाय” है।
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