2011 वर्ल्ड कप जीत की 15वीं सालगिरह! सचिन तेंदुलकर ने साझा किया भावुक संदेश। जानिए कैसे धोनी के छक्के और गंभीर की पारी ने खत्म किया था 28 साल का इंतजार
2 अप्रैल 2011 का वह दिन कोई भी भारतीय नहीं भूल सकता। आज इस ऐतिहासिक जीत को पूरे 15 साल हो गए हैं। इसी दिन महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 28 साल का लंबा इंतज़ार खत्म कर दोबारा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई थी। इस खास मौके पर महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने एक भावुक संदेश शेयर कर उन यादों को ताज़ा किया है।
सचिन का भावुक संदेश
सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि 15 साल बीत जाने के बाद भी उस रात का एहसास उनके दिल में वैसा ही है। उन्होंने लिखा, “हम सबने एक सपना देखा था कि भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना है। इस सफर में साथ देने वाले हर खिलाड़ी और फैन का शुक्रिया।” सचिन के लिए यह जीत इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप था और वह इसे जीतकर ही रिटायर होना चाहते थे।
फाइनल मैच का रोमांच, श्रीलंका की पारी
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मैच में, श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 274 रन बनाए. श्रीलंका की ओर से महेला जयवर्धने ने शानदार शतक (103 रन) जड़ा. भारत के लिए यह लक्ष्य आसान नहीं था, क्योंकि दबाव बहुत ज़्यादा था।
गंभीर और धोनी की वो यादगार पारियां
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सहवाग और सचिन जल्दी आउट हो गए। इसके बाद गौतम गंभीर ने 97 रनों की बहुत ही समझदारी भरी पारी खेली और टीम को संभाला।
विराट कोहली ने 35 रन बनाकर गंभीर का साथ दिया।
अंत में कप्तान एमएस धोनी ने नाबाद 91 रन बनाए। धोनी का वह आखिरी विजयी छक्का आज भी हर क्रिकेट फैन की आँखों में बसा है।
टूर्नामेंट के असली हीरो
एमएस धोनी, फाइनल में अपनी बेहतरीन पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए थे
युवराज सिंह, पूरे टूर्नामेंट में अपनी बैटिंग (362 रन) और बॉलिंग (15 विकेट) से कमाल करने के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब मिला था
भारतीय क्रिकेट का गौरवशाली इतिहास
भारत अब तक कुल 4 बार वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुँच चुका है
- 1983: कपिल देव की कप्तानी में पहली जीत।
- 2003: सौरव गांगुली की कप्तानी में फाइनल तक पहुँचे (हार मिली)।
- 2011: धोनी की कप्तानी में दूसरी ऐतिहासिक जीत।
- 2023: रोहित शर्मा की कप्तानी में फाइनल तक पहुँचे (ऑस्ट्रेलिया से हार मिली)।
2 अप्रैल 2011 की वह जीत आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए गर्व और खुशी का सबसे बड़ा प्रतीक है