Synthetic Paneer: जानिए बाजार में बिकने वाले डेयरी और सिंथेटिक (एनालॉग) पनीर के बीच का फर्क, कौन-सा पनीर है सेहत के लिए खतरनाक और कैसे पहचानें असली पनीर। सेहतमंद खाने के लिए जरूरी जानकारी।
Synthetic Paneer: पनीर हर घर की रसोई में पसंदीदा है और सब्ज़ियों के साथ इसका स्वाद एकदम लाजवाब होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला हर पनीर सेहत के लिए सुरक्षित नहीं होता? आजकल मिलावटखोरों ने पनीर की क्वालिटी को प्रभावित कर दिया है। आइए जानते हैं पनीर के कौन-कौन से प्रकार हैं और कौन-सा आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
डेयरी पनीर क्या होता है?
डेयरी पनीर असली दूध से बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए दूध को गरम करके उसमें नींबू का रस या सिरका मिलाया जाता है जिससे दूध फट जाता है और कर्ड निकलता है। इस कर्ड को दबाकर पनीर बनाया जाता है। डेयरी पनीर में प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन B12 भरपूर मात्रा में होते हैं। यह हड्डियों, मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
एनालॉग पनीर क्या है?
एनालॉग पनीर जिसे सिंथेटिक पनीर भी कहते हैं, दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेल, स्टार्च और मिल्क पाउडर से बनाया जाता है। इसमें आर्टिफिशियल फ्लेवर और कलर भी मिलाए जाते हैं ताकि यह असली पनीर जैसा दिखे। इसका उपयोग होटलों और बड़े कैटरिंग ऑर्डर्स में ज्यादा होता है क्योंकि यह सस्ता और जल्दी खराब नहीं होता।
also read: डेंगू में लिवर डैमेज के लक्षण: डेंगू सिर्फ ब्लड…
एनालॉग पनीर सेहत के लिए क्यों खतरनाक है?
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार, एनालॉग पनीर में ट्रांस फैट और हाइड्रोजेनेटेड ऑयल होते हैं जो हार्ट की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को भी बढ़ा सकता है। लंबे समय तक इसका सेवन मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।
असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें?
-
टेक्सचर: असली डेयरी पनीर मुलायम और थोड़ा नम होता है, जबकि नकली पनीर रबर की तरह सख्त होता है।
-
गरम पानी टेस्ट: असली पनीर गरम पानी में डालने पर हल्का टूट जाता है, लेकिन नकली पनीर वैसे का वैसा ही रहता है।
-
स्वाद और खुशबू: असली पनीर में दूध की ताज़गी होती है, जबकि नकली पनीर में आर्टिफिशियल फ्लेवर की वजह से स्वाद में फर्क महसूस होता है।