Stock Market Today: सेंसेक्स 675 अंक और निफ्टी 24,600 के करीब पहुंचा। बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और FII निवेश से बाजार में तेजी।
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को जोरदार बढ़त के साथ कारोबार किया। घरेलू और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के बीच निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वित्तीय सेवाओं, आईटी, एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
दोपहर करीब 11:08 बजे, बीएसई सेंसेक्स 675.57 अंक (0.87%) की तेजी के साथ 78,770.21 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 214.85 अंक (0.88%) चढ़कर 24,598.45 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 24,602.55 का इंट्राडे हाई भी बनाया और लगातार 24,500 के अहम स्तर से ऊपर बना रहा।
बाजार में हर तरफ दिखी खरीदारी
सोमवार को बाजार में तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी बैंक में 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.11 प्रतिशत चढ़ा। निफ्टी 500 में 0.97 प्रतिशत, मिडकैप 100 में 0.98 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 में 1.22 प्रतिशत की बढ़त रही।
इसके अलावा स्मॉलकैप 250 में 1.40 प्रतिशत और माइक्रोकैप 250 इंडेक्स में 1.57 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा पूरे बाजार में मजबूत बना हुआ है।
इन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे बड़ा गेनर रहा और इसमें 1.84 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
इसके अलावा सीमेंट, एफएमसीजी, आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, केमिकल और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी शानदार खरीदारी देखने को मिली।
हालांकि निफ्टी मीडिया सेक्टर में गिरावट रही और यह करीब 1.87 प्रतिशत कमजोर हुआ।
इन शेयरों ने बाजार को दी रफ्तार
सेंसेक्स में इंडिगो के शेयर सबसे ज्यादा करीब 4 प्रतिशत उछले।
इसके अलावा आईटीसी, टीसीएस, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी मजबूती के साथ कारोबार करते रहे।
वहीं दूसरी ओर सन फार्मा, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा और एनटीपीसी के शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
क्यों आई बाजार में तेजी?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कई सकारात्मक कारणों ने बाजार को मजबूती दी है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार, निफ्टी के 24,500 के ऊपर टिके रहने से बाजार में आगे और तेजी की संभावना बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना, जुलाई में बेहतर मानसून, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी और मजबूत आर्थिक संकेतक बाजार के लिए सकारात्मक हैं।
उनके मुताबिक, देश में क्रेडिट ग्रोथ 18 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है और ऑटोमोबाइल बिक्री के आंकड़े भी मजबूत आर्थिक गतिविधियों की ओर इशारा कर रहे हैं। इसके अलावा कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी बड़ी राहत
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसकी मुख्य वजह मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद रही। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ सकती है, जिससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता कम होने की संभावना है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों के लिए सकारात्मक मानी जा रही है।
इस सप्ताह RBI की बैठक पर रहेगी नजर
अब निवेशकों की नजर 5 अगस्त को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर है।
बाजार को उम्मीद है कि आरबीआई इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। यदि ऐसा होता है तो इससे बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है और निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।
आगे कैसा रह सकता है बाजार?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेश जारी रहता है, कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे आते हैं, तो शेयर बाजार में तेजी का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
फिलहाल मजबूत आर्थिक संकेतकों, बेहतर मानसून, एफआईआई की खरीदारी और वैश्विक राहत के बीच भारतीय शेयर बाजार बुल्स (तेजी वाले निवेशकों) के पक्ष में दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर RBI के फैसले और वैश्विक घटनाक्रम पर बनी रहेगी।