Stock Market Today: शुरुआती गिरावट से संभला बाजार, Sensex-Nifty में 0.20% तेजी; IT और Auto शेयर चमके

Stock Market Today: शुरुआती गिरावट से संभला बाजार, Sensex-Nifty में 0.20% तेजी; IT और Auto शेयर चमके

 

Stock Market Today: 30 जुलाई को शुरुआती गिरावट के बाद Sensex और Nifty 0.20% ऊपर कारोबार कर रहे हैं। IT और Auto शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 30 जुलाई को शुरुआती कमजोरी के बाद दोपहर के कारोबार में सुधार देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त नीति के बीच घरेलू बाजार शुरुआत में दबाव में रहा, लेकिन बाद में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और ऑटोमोबाइल शेयरों में मजबूत खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को हरे निशान में पहुंचा दिया। हालांकि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में दबाव जारी रहा। दोपहर 12:40 बजे BSE Sensex 156.60 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,811.20 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, NSE Nifty 50 भी 47.40 अंक यानी 0.20 प्रतिशत ऊपर 24,297.60 पर पहुंच गया।

शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी

गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। निवेशकों के बीच अमेरिकी फेड की अपेक्षाकृत सख्त मौद्रिक नीति और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई थी। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण क्रूड की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की धारणा पर दबाव डाला। हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ दिग्गज IT शेयरों में खरीदारी बढ़ी और बाजार ने शुरुआती नुकसान की भरपाई शुरू कर दी। निवेशकों की ओर से IT और ऑटो सेक्टर में दिखाई गई खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को सकारात्मक क्षेत्र में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

IT सेक्टर बना बाजार का सबसे बड़ा सहारा

सेक्टरल इंडेक्स में Nifty IT सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। इसमें करीब 1.45 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। IT सेक्टर में Tech Mahindra के शेयर करीब 2.30 प्रतिशत ऊपर रहे, जबकि Infosys में 1.75 प्रतिशत, HCLTech में 1.38 प्रतिशत और TCS में 0.56 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वैश्विक सेमीकंडक्टर शेयरों से भारतीय IT कंपनियों की ओर निवेश का रुझान बढ़ने को भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। IT कंपनियों में मजबूत खरीदारी ने व्यापक बाजार में मौजूद कमजोरी के प्रभाव को कम किया और प्रमुख सूचकांकों को ऊपर जाने में मदद की।

ऑटो शेयरों में भी जोरदार खरीदारी

IT के अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर भी निवेशकों के पसंदीदा क्षेत्रों में शामिल रहा। Nifty Auto इंडेक्स में करीब 0.99 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बाजार में ऑटो शेयरों में खरीदारी को घरेलू मांग और कंपनियों के कारोबार से जुड़े सकारात्मक संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा Healthcare, Oil & Gas, Consumer Durables और Pharma सेक्टर के इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में सेक्टरवार निवेश का रुख देखने को मिल रहा है और निवेशक चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी कर रहे हैं।

बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर दबाव कायम

दूसरी ओर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी बनी रही। Nifty Realty में 1.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जबकि Financial Services, Private Bank और PSU Bank इंडेक्स भी दबाव में रहे। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी का असर बाजार की तेजी को सीमित करता हुआ नजर आया। Sensex के प्रमुख शेयरों में भी Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank, Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे वित्तीय शेयर कमजोर कारोबार कर रहे थे।

Adani Ports में 3% से ज्यादा गिरावट

Sensex के शेयरों में Tech Mahindra, Infosys, HCLTech, Reliance Industries, Sun Pharma, Power Grid, M&M और SBI प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं, Adani Ports में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा Eternal (Zomato), Asian Paints, Bajaj Finserv, Bajaj Finance, Axis Bank, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank भी दबाव में रहे। इससे स्पष्ट है कि बाजार में व्यापक स्तर पर एकसमान तेजी नहीं है और निवेशक चुनिंदा शेयरों पर दांव लगा रहे हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख

ब्रॉडर मार्केट की तस्वीर भी मिश्रित रही। Nifty Midcap 100 में 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जबकि Nifty Smallcap 100 करीब 0.20 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं Nifty 500 लगभग सपाट कारोबार कर रहा था। India VIX में 0.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 12.12 पर पहुंच गया। VIX में तेजी बाजार में थोड़ी बढ़ी हुई अस्थिरता का संकेत देती है। ऐसे में निवेशकों का ध्यान अब वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले आर्थिक संकेतकों पर बना हुआ है।

FII खरीदारी से बाजार को मिल रहा समर्थन

Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, निकट अवधि में वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय बाजार की दीर्घकालिक संरचना सकारात्मक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेड की सख्त नीति निवेशकों की धारणा पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, जुलाई में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की लगातार खरीदारी, घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक सेमीकंडक्टर शेयरों से भारतीय IT शेयरों की ओर निवेश का रुख बाजार को सहारा दे रहा है।

क्रूड ऑयल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर नजर

वैश्विक स्तर पर निवेशक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, भू-राजनीतिक जोखिमों और भविष्य की अमेरिकी ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता का आकलन कर रहे हैं। दूसरी ओर, Brent crude अपने इंट्राडे हाई से नीचे आया है, लेकिन अभी भी करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के आसपास बना हुआ है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का जोखिम बढ़ा सकती हैं।

आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?

कुल मिलाकर, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती कमजोरी से रिकवरी जरूर की है, लेकिन बाजार के सामने अभी भी कई वैश्विक चुनौतियां मौजूद हैं। IT और ऑटो शेयरों में खरीदारी बाजार को मजबूती दे रही है, जबकि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों की कमजोरी तेजी को सीमित कर रही है। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी ब्याज दरों, बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतों, मध्य पूर्व के घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। फिलहाल बाजार में सेक्टर रोटेशन और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का रुख दिखाई दे रहा है।

 

 

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