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21 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही। एचडीएफसी बैंक और टीसीएस जैसे दिग्गज आईटी शेयरों के दबाव से सेंसेक्स-निफ्टी टूटे, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप हरे निशान में रहे।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 21 जुलाई को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट का रुख देखने को मिला। प्रमुख बैंकिंग और आईटी (IT) दिग्गज शेयरों पर दबाव के कारण बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि, इसके विपरीत स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे व्यापक बाजार (Broader Market) को समर्थन मिला।
मंगलवार को सुबह लगभग 11:25 बजे, बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 226.69 अंक (0.29%) की गिरावट के साथ 77,481.83 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 77,753.18 का उच्चतम और 77,413.40 का न्यूनतम स्तर छुआ। वहीं, एनएसई (NSE) का 50 शेयरों वाला निफ्टी-50 62.30 अंक (0.26%) गिरकर 24,176.20 के स्तर पर आ गया और 24,200 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
ब्रॉडर मार्केट का लचीलापन और घटती वोलेटिलिटी (India VIX)
मुख्य सूचकांकों में जारी कमजोरी के बावजूद स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों का प्रदर्शन बेहतर रहा:
- निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट: 0.13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- निफ्टी मिडकैप 100: 0.09% की मामूली बढ़त पर कारोबार कर रहा था।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100: 0.23% चढ़कर कारोबार कर रहा था।
- निफ्टी नेक्स्ट 50: हालांकि, इसमें 0.12% की हल्की गिरावट देखने को मिली।
बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता को मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स (India VIX) 1.54% घटकर 12.78 के स्तर पर आ गया। यह दर्शाता है कि मुख्य सूचकांकों की कमजोरी के बावजूद निवेशकों में घबराहट का माहौल कम है।
सेक्टोरल अपडेट: केमिकल्स और सीमेंट चमके, आईटी और बैंकिंग में बिकवाली
सेक्टरवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार में मिला-जुला रुझान देखने को मिला:
- सबसे ज्यादा चढ़ने वाले सेक्टर्स: निफ्टी केमिकल्स 1.04% की मजबूती के साथ टॉप गेनर रहा। इसके बाद निफ्टी सीमेंट 0.90% की बढ़त के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मेटल और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
- दबाव वाले सेक्टर्स: दूसरी तरफ, निफ्टी आईटी में 0.55% और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.47% की गिरावट दर्ज की गई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.44%), एफएमसीजी (-0.37%) और फार्मा (-0.30%) सेक्टर में भी बिकवाली का रुझान रहा।
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल का बाजार पर असर
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आने वाले वैश्विक कंपनियों के तिमाही नतीजों (Q1 Earnings) को देखते हुए निवेशक सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि, ईरान से जुड़े संभावित युद्धविराम की खबरों के बीच कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में कुछ नरमी आई और यह $88 प्रति बैरल के आसपास आ गया, जिससे एशियाई बाजारों को राहत मिली।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार के अनुसार:
“अल्पकालिक अवधि में बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर देखने को मिलेगा। भले ही क्रूड ऑयल $88 के स्तर तक नरम हुआ है, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितता इतनी बड़ी है कि इसमें अचानक तेजी का जोखिम बना हुआ है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली इतनी बड़ी नहीं है और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी इसे आसानी से संभाल रही है।”
उन्होंने यह भी बताया कि खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आई है और बुआई की कमी घटकर 6% रह गई है। इसके अलावा रियायती स्वैप सुविधा (Concessional Swap Facility) के जरिए डॉलर का प्रवाह 20 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो भारतीय रुपये के लिए सकारात्मक संकेत है।
एक्सपर्ट की राय और तकनीकी नजरिया (Technical View)
तकनीकी मोर्चे पर विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,099 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन का काम कर रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा:
“पिछले सत्र में बने ‘इनसाइड बार’ पैटर्न से स्पष्ट होता है कि तेजी की गति थोड़ी धीमी पड़ी है और एक और गिरावट की संभावना बनी हुई है। हालांकि, जब तक शुक्रवार का निचला स्तर (24,099) बरकरार है, हम हर गिरावट पर खरीदारी (‘Buy on Dips’) की सलाह देते हैं। बाजार में नई तेजी के लिए निफ्टी का 24,220 के स्तर से ऊपर बने रहना जरूरी है।”