भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। सेंसेक्स 271 अंक टूटा, निफ्टी 120 अंक फिसला। कच्चा तेल 90 डॉलर पार और HDFC बैंक फोकस में रहा।
सोमवार, 31 अगस्त को वैश्विक संकेतों में कमजोरी के बीच भारतीय शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत की। घरेलू बाजार पर निवेशकों की चिंता, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक ब्याज दरों और अमेरिका के फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक का असर दिखाई दिया। शुरूआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में लाल निशान देखे गए। सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 271 अंक यानी 0.35 फीसदी गिरकर 76,993.17 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। जबकि निफ्टी 120 अंक, यानी 0.53% की कमी के साथ 24,047.20 पर पहुंच गया। बाजार की शुरुआत से ही निवेशकों में जोखिम को लेकर सतर्कता दिखाई दी और व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों पर भी दबाव
बेंचमार्क इंडेक्स और व्यापक बाजार की शुरुआत दोनों कमजोर रहे हैं। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स लगभग 0.60 प्रतिशत नीचे कारोबार करता था, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में लगभग 0.52% की गिरावट दर्ज की गई। इंडिया VIX (बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला) भी करीब 3% बढ़कर 10.99 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया भर में होने वाली घटनाओं का भारत के शेयर बाजार पर प्रभाव रह सकता है। निवेशकों का ध्यान अमेरिकी मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमत, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक बाजारों के रुख पर रहेगा। हाल ही में व्यापक बाजार में खरीदारी का रुझान बढ़ा है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में गतिविधि तेज रह सकती है।
फेड की ब्याज दर नीति के बारे में अधिक चिंता
Geojit Investments Ltd के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, इस सप्ताह बाजार के सामने कई चुनौतियां हैं। फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श की महंगाई पर टिप्पणी के बाद बाजार में आशंका बढ़ी है कि केंद्रीय बैंक को आगे भी कठोर कार्रवाई करनी पड़ सकती है अगर मुद्रास्फीति लंबे समय तक फेड के लक्ष्य से ऊपर रहती है।
सितंबर में होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में ब्याज दरों में होने वाले बदलाव का संकेत निवेशकों ने इस टिप्पणी से लिया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है, जो वैश्विक इक्विटी बाजारों पर प्रभाव डाल सकता है। आमतौर पर ऊंची बॉन्ड यील्ड शेयर बाजार के लिए दबाव की स्थिति पैदा करती है क्योंकि निवेशकों को अपेक्षाकृत सुरक्षित परिसंपत्तियों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
भारत में कच्चा तेल की कीमत ९० डॉलर से अधिक होने से चिंता बढ़ी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। ब्रेंट क्रूड ने 90 डॉलर प्रति बैरल की सीमा पार की है। भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं। साथ ही, महंगाई बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव डाला जा सकता है। यही कारण है कि निवेशक इस समय तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर सतर्क रहते हैं।
HDFC बैंक शेयरों पर एक विशेष नज़र
सोमवार को HDFC बैंक का शेयर बाजार में सर्वाधिक चर्चा में रहा। बाजार में चल रही अटकलों के बीच, बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन के उत्तराधिकारी को लेकर शेयर में शुरुआती स्थिरता देखने को मिली। शुरुआत में, HDFC बैंक का शेयर लगभग 1.53% बढ़कर 731 रुपये पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराधिकारी को लेकर किसी भी खबर या अटकल से HDFC बैंक के शेयर में तेजी से गिरावट आ सकती है। निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि बैंक की अगली कमान किसे दी जाएगी और नए नेतृत्व का दृष्टिकोण क्या होगा।
इसके अलावा, इन प्रमुख शेयरों में दिखाई दी तेजी
Eternal भी शुरूआती कारोबार में HDFC बैंक से लगभग 1.42% अधिक शेयर था। ICICI बैंक, Bharti Airtel और Kotak Mahindra Bank के शेयरों में भी कुछ वृद्धि हुई। हालाँकि, अधिकांश प्रमुख क्षेत्र दबाव में रहे और बाजार में तेजी का दायरा सीमित था।
यह देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र बैंकों में से एक है, इसलिए निवेशकों के लिए HDFC बैंक की खबरें बहुत महत्वपूर्ण हो सकती हैं। इसलिए, नेतृत्व परिवर्तन से संबंधित किसी भी अपडेट पर शेयर में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
PSU, IT और मेटल बैंक शेयरों में बिकवाली
निफ्टी मेटल इंडेक्स ने शुरुआती कारोबार में सेक्टोरल आधार पर सबसे अधिक दबाव झेला। यह करीब 1.45 प्रतिशत की कमी से कारोबार कर रहा था। PSU बैंक इंडेक्स और निफ्टी IT में 1.13 प्रतिशत की गिरावट हुई। निफ्टी मीडिया इंडेक्स भी लगभग 1% नीचे रहा।
फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक इंडेक्स में लगभग 1.050 प्रतिशत की कमी हुई। यह भी सीमेंट, FMCG, रियल्टी, गैस और सीमेंट कंपनियों के शेयरों पर दबाव डाला।
SBI और Infosys सहित कई महत्वपूर्ण शेयरों में लाल निशान
प्रमुख शेयरों में से एक SBI लगभग 0.77% गिरा था। Infosys, Axis Bank, Maruti Suzuki, ITC और M&M के शेयरों में भी गिरावट हुई। Infosys का शुरुआती कारोबार लगभग 1.8 प्रतिशत गिर गया।
कुल मिलाकर, वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। निवेशकों का ध्यान आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, फेडरल रिजर्व की नीति और विश्व भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगा। हाल की व्यापक खरीदारी से चुनिंदा शेयरों में स्टॉक-स्पेसिफिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। HDFC बैंक में हुए नेतृत्व बदलाव भी बाजार को प्रभावित करेगा।