Stock Market Today 7 August: Sensex 454 अंक लुढ़का, Nifty 24,550 के नीचे; Financial Stocks में भारी बिकवाली

Stock Market Today 7 August: Sensex 454 अंक लुढ़का, Nifty 24,550 के नीचे; Financial Stocks में भारी बिकवाली

 

Stock Market Today 7 August: Sensex 454 अंक गिरकर 78,500 पर और Nifty 86 अंक टूटकर 24,549 पर पहुंचा। Financial Stocks में बिकवाली के बीच IT और Auto शेयरों में तेजी।

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को दोपहर के कारोबार के दौरान दबाव बना रहा। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में लगातार बिकवाली के कारण घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि, IT और ऑटोमोबाइल शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। निवेशकों की नजर अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल यानी US Non-Farm Payrolls (NFP) रिपोर्ट पर भी बनी हुई है, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया।

Sensex और Nifty में गिरावट

दोपहर करीब 12:05 बजे BSE Sensex 454.50 अंक यानी 0.58 फीसदी गिरकर 78,500.26 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं NSE Nifty 86.85 अंक यानी 0.35 फीसदी की गिरावट के साथ 24,549.15 पर पहुंच गया।

सुबह से ही बाजार में वित्तीय शेयरों पर दबाव देखने को मिला था और दोपहर तक बिकवाली और बढ़ गई। बड़े बैंकिंग एवं वित्तीय शेयरों में कमजोरी ने सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर सीधा असर डाला। दूसरी ओर IT और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी जारी रही, जिससे बाजार में पूरी तरह एकतरफा गिरावट नहीं देखने को मिली।

Financial Stocks में बिकवाली जारी

दोपहर के कारोबार में वित्तीय क्षेत्र बाजार की सबसे बड़ी कमजोरी बना रहा। Nifty Financial Services Index में 1.2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Financial Services Ex-Bank Index करीब 1.6 फीसदी तक टूट गया, जिससे वित्तीय शेयरों में बिकवाली की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

निवेशकों ने निजी बैंकिंग और अन्य वित्तीय कंपनियों के शेयरों में सावधानी बरती। Private Bank इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहा था। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों का प्रमुख बाजार सूचकांकों में बड़ा भार होने के कारण इस क्षेत्र की कमजोरी का व्यापक बाजार पर भी असर पड़ा।

कई अन्य सेक्टर भी लाल निशान में

Financial Services के अलावा कई अन्य सेक्टरल इंडेक्स भी दबाव में रहे। Healthcare, Consumer Durables, Pharma, Chemicals और Cement इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।

इन क्षेत्रों में बिकवाली से बाजार की कमजोरी व्यापक हुई। हालांकि, अलग-अलग सेक्टरों में निवेशकों का रुझान समान नहीं रहा और कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी जारी रही। इससे बाजार में सेक्टर आधारित बदलाव देखने को मिला।

IT सेक्टर ने संभाला बाजार

बाजार में गिरावट के बीच Nifty IT में 1 फीसदी से अधिक की तेजी देखने को मिली। IT शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।

टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी उस समय देखने को मिली जब वित्तीय शेयरों पर दबाव था। IT सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन ने सेंसेक्स और निफ्टी की कुल गिरावट को सीमित करने में भूमिका निभाई।

घरेलू बाजार में IT शेयरों की चाल पर वैश्विक टेक्नोलॉजी ट्रेंड, अमेरिकी बाजारों की स्थिति और रुपये की चाल का भी असर पड़ता है। इसलिए निवेशक इस सेक्टर को वैश्विक संकेतों के संदर्भ में भी देख रहे हैं।

Auto Stocks में भी खरीदारी

IT के साथ Nifty Auto करीब 1.1 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा था। ऑटोमोबाइल शेयरों में खरीदारी के चलते सेक्टरल इंडेक्स को मजबूती मिली।

ऑटो सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार में कुछ सकारात्मक संकेत दिए। वित्तीय शेयरों में बिकवाली के बावजूद ऑटो और IT जैसे प्रमुख सेक्टरों में मजबूती बताती है कि निवेशक पूरी तरह बाजार से दूरी नहीं बना रहे हैं, बल्कि चुनिंदा क्षेत्रों और शेयरों में निवेश के अवसर तलाश रहे हैं।

Oil & Gas और Media में भी मामूली बढ़त

अन्य सेक्टरों की बात करें तो Oil & Gas और Media इंडेक्स भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि इन क्षेत्रों में तेजी बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन कमजोर बाजार में इनका हरे निशान में रहना सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती के बीच Oil & Gas शेयरों की चाल पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। दूसरी ओर Media सेक्टर में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से इंडेक्स को सहारा मिला।

US NFP Data का इंतजार

शुक्रवार के कारोबार में निवेशकों की सबसे बड़ी नजर अमेरिकी Non-Farm Payrolls (NFP) रिपोर्ट पर है। अमेरिकी रोजगार बाजार के ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

अगर रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत आते हैं तो अमेरिकी ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कमजोर पड़ सकती है। इससे बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती आ सकती है, जिसका असर उभरते बाजारों पर पड़ सकता है। वहीं, कमजोर रोजगार आंकड़ों से ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बढ़ सकती है और इससे शेयर बाजारों को राहत मिल सकती है।

महंगा क्रूड भी बाजार के लिए चिंता

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी घरेलू बाजार की धारणा पर असर डाल रही हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

ऊंचे तेल दामों का असर रुपये, कंपनियों की लागत और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक वैश्विक तेल बाजार और पश्चिम एशिया से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर बनाए हुए हैं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

कुल मिलाकर शुक्रवार दोपहर तक भारतीय शेयर बाजार में वित्तीय शेयरों की बिकवाली हावी रही। Sensex करीब 454 अंक और Nifty लगभग 87 अंक नीचे कारोबार कर रहे थे। हालांकि IT और Auto शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार की गिरावट को सीमित रखा।

अब बाजार की अगली दिशा अमेरिकी NFP आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों के रुख और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शुक्रवार का बाकी सत्र निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है और अमेरिकी रोजगार आंकड़े बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं।

 

 

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