भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती सुस्ती के बाद तेजी लौटी। सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 72,225.42 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 90 अंक उछलकर 22,453.10 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती सुस्ती के बाद शानदार रिकवरी देखने को मिली। सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयरों में जोरदार खरीदारी से घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का रुझान भी मजबूत होता दिखाई दिया। कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई सेंसेक्स 300 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,225.42 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 90 अंक यानी 0.40 प्रतिशत उछलकर 22,453.10 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में आईटी शेयरों में लिवाली ने तेजी को सहारा दिया। हालांकि, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले संबंधित कंपनियों के प्रदर्शन, बाजार के रुझान और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें।
सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी से लौटी रौनक
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान तेजी लौटती दिखाई दी। शुरुआती सुस्ती के बाद निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को संभालने में मदद की। सेंसेक्स में 300 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 72,225.42 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी में भी करीब 90 अंकों का उछाल आया और यह 22,453.10 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में बढ़त से बाजार की धारणा में सुधार दिखाई दिया। शेयर बाजार में किसी एक सेक्टर में बड़े स्तर पर खरीदारी होने पर उसका असर व्यापक सूचकांकों पर भी पड़ सकता है। मंगलवार को आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयरों में खरीदारी को बाजार की तेजी की प्रमुख वजह बताया गया। हालांकि, पूरे बाजार की दिशा समझने के लिए अन्य सेक्टरों के प्रदर्शन और कारोबार के दौरान आने वाले उतार-चढ़ाव पर भी नजर रखना जरूरी है।
आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
मंगलवार को बाजार में तेजी के पीछे आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयरों में आई जोरदार लिवाली अहम रही। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों का भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में इस सेक्टर के बड़े शेयरों में खरीदारी होने से सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूती मिल सकती है। आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी कई कारकों से प्रभावित होती है। इनमें कंपनियों के तिमाही नतीजे, नए कारोबारी सौदे, वैश्विक तकनीकी मांग, विदेशी बाजारों का रुझान और रुपये की चाल जैसे पहलू शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों से मिलने वाले संकेत भी भारतीय आईटी कंपनियों के कारोबार की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। मंगलवार को आईटी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में रिकवरी देखने को मिली। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उन कंपनियों के नाम और उनके शेयरों में दर्ज बढ़त का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है, इसलिए किसी विशेष कंपनी के प्रदर्शन के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
निवेशकों की नजर बाजार की चाल पर
शेयर बाजार में तेजी और गिरावट के बीच निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण संकेतकों पर रहती है। सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा के साथ-साथ कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों की चाल भी अहम होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव का असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंकों के फैसले, कच्चे तेल की कीमतें और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में बाजार में आने वाली तेजी को समझने के लिए यह देखना जरूरी होता है कि उसमें कितने सेक्टर भाग ले रहे हैं और बढ़त कितनी व्यापक है। मंगलवार को आईटी शेयरों की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी, लेकिन आगे की दिशा कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करेगी।
सेंसेक्स-निफ्टी की बढ़त से बाजार की धारणा मजबूत
सेंसेक्स और निफ्टी में दर्ज बढ़त ने मंगलवार के कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार को राहत दी। सेंसेक्स 0.42 प्रतिशत चढ़कर 72,225.42 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,453.10 के स्तर पर रहा। बाजार में इस तरह की रिकवरी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है, लेकिन केवल एक सत्र की तेजी के आधार पर बाजार के भविष्य की दिशा तय नहीं की जा सकती। निवेशकों को बाजार की चाल के साथ कंपनियों के बुनियादी प्रदर्शन और आर्थिक परिस्थितियों का भी आकलन करना चाहिए।
शेयर बाजार में निवेश करते समय रखें सावधानी
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए तेजी के दौरान भी जोखिम प्रबंधन महत्वपूर्ण रहता है। किसी शेयर में तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और मूल्यांकन को समझना जरूरी है। अल्पकालिक कारोबार करने वाले निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव और संभावित नुकसान के प्रति सतर्क रहना चाहिए, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप रणनीति बनानी चाहिए। मंगलवार को आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। अब बाजार की आगे की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि खरीदारी का यह रुझान कितना टिकाऊ रहता है और दूसरे सेक्टरों से बाजार को कितना समर्थन मिलता है।