भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट। आईटी और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली के दबाव से सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद। जानिए बाजार का पूरा हाल।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का दिन निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। बाजार की शुरुआत सकारात्मक हुई थी, लेकिन सत्र के आगे बढ़ने के साथ ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि प्रमुख सूचकांकों को अपनी शुरुआती बढ़त गवानी पड़ी। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक (0.33%) की गिरावट के साथ 76,478.67 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी 50 भी 0.34% की कमजोरी के साथ 23,865.75 पर सिमट गया। यह गिरावट मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में हुई भारी बिकवाली के कारण देखने को मिली।
सत्र के दौरान बाजार का उतार-चढ़ाव
बाजार की चाल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स ने दिन की शुरुआत 77,005.51 के स्तर पर मजबूती के साथ की थी। सत्र के दौरान इसने 77,037.36 का इंट्राडे उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, बिकवाली तेज हो गई और सूचकांक गिरकर 76,329.39 के निचले स्तर तक चला गया। बाजार के इस आक्रामक रुख ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली का दौर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
आईटी और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली का दबाव
मंगलवार के सत्र में आईटी शेयरों ने सबसे खराब प्रदर्शन किया। इंफोसिस के शेयरों में लगभग 3.9% की भारी गिरावट देखी गई। वहीं, टीसीएस (TCS) में 3% और एचसीएल टेक (HCLTech) में 2.8% से अधिक की कमजोरी रही। टेक महिंद्रा भी 2% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ। इसके अलावा, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), आईटीसी (ITC), भारतीय स्टेट बैंक (SBI), लार्सन एंड टुब्रो (L&T), रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों ने भी सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा। यह बिकवाली संकेत देती है कि बड़े संस्थागत निवेशक फिलहाल इन क्षेत्रों में मुनाफावसूली कर रहे हैं।
कहां दिखी रौनक? (ऑटो और फाइनेंशियल शेयरों का सहारा)
बाजार को पूरी तरह से गिरने से बचाने का काम ऑटो और चुनिंदा फाइनेंशियल शेयरों ने किया। मारुति सुजुकी ने आज के दिन का सबसे शानदार प्रदर्शन किया, जिसके शेयरों में 5% से अधिक का उछाल देखने को मिला। मारुति के अलावा टाइटन, बजाज फाइनेंस, एटरनल और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में भी खरीदारी देखी गई। इसके अलावा, भारती एयरटेल, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फिनसर्व और एनटीपीसी के शेयरों ने भी बाजार को सहारा देने का प्रयास किया। यह खरीदारी दर्शाती है कि बाजार का एक हिस्सा अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है।
सेक्टोरल सूचकांकों का हाल
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.73% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाला क्षेत्र रहा। इसके विपरीत, निफ्टी रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, केमिकल्स और इंडिया डिफेंस के शेयरों ने सकारात्मक रुख दिखाया और ये बढ़त के साथ बंद हुए। यह इस बात का सबूत है कि बाजार का मिजाज पूरी तरह नकारात्मक नहीं है, बल्कि कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में पैसा घूम रहा है।
ब्रॉडर मार्केट की लचीलापन
दिलचस्प बात यह है कि बड़ी कंपनियों (लार्ज-कैप) में कमजोरी के बावजूद बाजार का व्यापक हिस्सा (ब्रॉडर मार्केट) लचीला बना रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 1.02% की ठोस बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 ने 0.37% का लाभ हासिल किया। इससे साफ पता चलता है कि खुदरा निवेशक और म्यूचुअल फंड अभी भी मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में रुचि ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें वहां विकास की संभावनाएं नजर आ रही हैं।
निवेशकों के लिए आगे की राह
मंगलवार की यह गिरावट स्पष्ट करती है कि बाजार में आईटी और बैंकिंग जैसे भारी-भरकम शेयरों में अस्थिरता का माहौल है। जब तक इन क्षेत्रों में स्थिरता नहीं आती, सूचकांकों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, ऑटो और मिड-कैप शेयरों में हो रही खरीदारी एक सकारात्मक संकेत है। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए अपनी निवेश रणनीति को संतुलित रखें। जो शेयर निचले स्तरों पर मजबूती दिखा रहे हैं, उन पर नजर रखना इस समय के लिए समझदारी भरा हो सकता है। आने वाले सत्रों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बाजार दोबारा 77,000 के स्तर को पार कर पाता है या बिकवाली का दौर अभी और जारी रहेगा।