हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम की नई कप्तान बनाए जाने की संभावना है। जानें उनका कप्तानी रिकॉर्ड और मजबूत दावेदारी की वजह।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को करीब एक दशक तक टीम की कप्तानी करने के बाद सभी फॉर्मेट में नेतृत्व की जिम्मेदारी छोड़ दी। हरमनप्रीत ने 2016 में मिताली राज के बाद भारत की टी20 इंटरनेशनल कप्तानी संभाली थी और 2022 में वह तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तान बन गई थीं। हालांकि, उनके उत्तराधिकारी के नाम का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना को कप्तानी का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
पंजाब के मोगा में जन्मी हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। पिछले साल उन्होंने भारतीय महिला टीम को घरेलू मैदान पर वनडे विश्व कप का खिताब दिलाकर इतिहास रचा था। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार अपनी धरती पर महिला वनडे विश्व कप जीता था। ऐसे में हरमनप्रीत का कप्तानी से हटना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है।
स्मृति मंधाना के पास कप्तानी का अच्छा अनुभव
स्मृति मंधाना लंबे समय से हरमनप्रीत कौर की उपकप्तान रही हैं। जब भी हरमनप्रीत किसी कारण से टीम का हिस्सा नहीं होती थीं, मंधाना ने कई मौकों पर कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। यही वजह है कि टीम के नेतृत्व में बदलाव के समय उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
मंधाना ने जुलाई में भी संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर वह कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। स्टैंड-इन कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। वनडे और टी20 इंटरनेशनल को मिलाकर उन्होंने 22 मुकाबलों में भारत की कप्तानी की है, जिनमें टीम को 15 मैचों में जीत मिली है।
वनडे में मंधाना ने 2024 और 2025 के दौरान चार मुकाबलों में कप्तानी की और भारत ने सभी चार मैच जीते। वहीं टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 18 मैचों में टीम की कमान संभाली है, जिसमें भारत को 11 मुकाबलों में जीत मिली। यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व कौशल और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है।
रिकॉर्ड प्रदर्शन ने मजबूत किया कप्तानी का दावा
स्मृति मंधाना सिर्फ नेतृत्व के मामले में ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी में भी भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकतों में से एक हैं। उन्होंने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय टीम का हिस्सा हैं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों के साथ खेला है और टीम की कार्यप्रणाली को करीब से समझा है।
हाल ही में मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली महिला क्रिकेटर भी बनीं। उनके नाम तीनों फॉर्मेट में कुल 18 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हैं।
एक कप्तान के लिए लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। मंधाना का बल्लेबाजी रिकॉर्ड और बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन उन्हें इस भूमिका के लिए और मजबूत दावेदार बनाता है।
वनडे क्रिकेट में मंधाना का दबदबा
मंधाना ने वनडे क्रिकेट में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। 2024 में वह भारत की महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बनीं। न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने अपना आठवां वनडे शतक लगाया और मिताली राज के सात शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत निरंतरता मानी जाती है। शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने वाली मंधाना टीम को तेज शुरुआत देने के साथ-साथ लंबी पारी खेलने की क्षमता भी रखती हैं। वनडे और टेस्ट जैसे लंबे प्रारूपों में यह गुण कप्तान के लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
तीनों फॉर्मेट में कप्तानी का मिल सकता है मौका
मंधाना को कप्तानी सौंपे जाने की स्थिति में भारतीय महिला क्रिकेट एक नए नेतृत्व युग में प्रवेश कर सकता है। उनके पास वनडे और टी20 का अनुभव पहले से मौजूद है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में भी वह भारतीय टीम का अहम हिस्सा रही हैं।
पूर्व कप्तान मिताली राज ने जुलाई में मंधाना को वनडे और टेस्ट कप्तानी के लिए समर्थन दिया था। वहीं पूर्व भारतीय कप्तान डायना एडुल्जी ने भी मंधाना को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी सौंपने की वकालत की थी। ऐसे में उन्हें टीम की पूरी जिम्मेदारी देने को लेकर क्रिकेट जगत में पहले से समर्थन मौजूद है।
हरमनप्रीत के अनुभव से मिलेगी मदद
अगर स्मृति मंधाना को कप्तानी मिलती है तो उनके पास टीम में हरमनप्रीत कौर जैसी अनुभवी खिलाड़ी का साथ भी रहेगा। कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत का अनुभव टीम के लिए काफी उपयोगी हो सकता है। मैदान पर महत्वपूर्ण परिस्थितियों में उनके सुझाव नई कप्तान के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
मंधाना के सामने अब भारतीय महिला क्रिकेट को अगले बड़े दौर के लिए तैयार करने की चुनौती होगी। उनका अनुभव, शानदार बल्लेबाजी रिकॉर्ड और पहले से मौजूद कप्तानी का अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाता है। आधिकारिक घोषणा का इंतजार जरूर है, लेकिन उपलब्ध आंकड़े और उनका प्रदर्शन यह संकेत देते हैं कि हरमनप्रीत कौर के बाद भारतीय महिला क्रिकेट की कमान संभालने के लिए स्मृति मंधाना सबसे स्वाभाविक विकल्पों में से एक हैं।