Silver Price Today: दिल्ली में चांदी की कीमतें 2 लाख रुपये के पार पहुंची, सोने में भी 600 रुपये की बढ़ोतरी। जानें चांदी और सोने की कीमतों में भारी उछाल का कारण और भविष्य में क्या हो सकता है।
Silver Price Today: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार के कारोबारी दिन चांदी की कीमत में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली। मार्च 2026 के एक्सपायरी वाले सिल्वर फ्यूचर का भाव 8,356 रुपये यानी 4.2 प्रतिशत बढ़कर 2,06,111 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण आपूर्ति में कमी और अगले साल फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है।
एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में भारी उछाल
चांदी के भाव मंगलवार को 1,97,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुए थे, लेकिन बुधवार को इसमें 8,356 रुपये की वृद्धि हुई। इसके अलावा, मई 2026 के अनुबंधों की कीमत में भी 8,266 रुपये यानी 4.12 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जिससे यह 2,08,914 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। इस साल अब तक चांदी की कीमत में 1,18,533 रुपये यानी 135.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है, जो 1 जनवरी 2025 को 87,578 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
सोने की कीमतों में हल्की गिरावट, लेकिन वैश्विक स्तर पर उछाल
वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आया। हालांकि, सोने की कीमत में मामूली गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी 2026 के अनुबंधों का सोने का भाव 359 रुपये यानी 0.27 प्रतिशत घटकर 1,34,050 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं, अप्रैल 2026 के अनुबंधों का भाव 293 रुपये यानी 0.21 प्रतिशत घटकर 1,37,117 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
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वैश्विक बाजारों में चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी
दूसरी ओर, वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया। COMEX पर चांदी का वायदा भाव 5.25 प्रतिशत बढ़कर 66.65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो चांदी के लिए एक नया ऐतिहासिक उच्चतम स्तर है। यह पहली बार है जब चांदी की कीमतें 65 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को पार कर चुकी हैं, जिससे यह माना जा रहा है कि चांदी के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है।
कच्चे तेल की कीमतों को पार कर गई चांदी की कीमतें
चांदी की कीमतों ने कच्चे तेल की कीमतों को भी पीछे छोड़ दिया है, जो पिछले 40 वर्षों में पहली बार हुआ है। यह एक स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में ठोस और दुर्लभ वस्तुओं की मांग बढ़ने वाली है। इसके अलावा, भारतीय रुपये की गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में कमी ने भी चांदी और सोने की कीमतों में तेजी को बढ़ावा दिया है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चांदी की आपूर्ति में कमी की स्थिति अगले कुछ वर्षों तक बनी रहेगी, और इस कारण कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है। इस समय भारतीय बाजार में भी चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, और निवेशक इसे अपनी संपत्ति के सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं।