श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ में 43 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा। उन्होंने नाबाद 102 रन की पारी खेलकर भारत को आठ विकेट से जीत दिलाई।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में अपने करियर का पहला शतक जड़कर खास उपलब्धि हासिल की। अय्यर ने महज 43 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और 102 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी इस शानदार पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। अय्यर की पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। हालांकि, अय्यर का यह शतक केवल 43 गेंदों में बनाए गए 102 रनों की कहानी नहीं है। इसके पीछे लंबे समय से चली आ रही मेहनत, इंतजार और एक खास बातचीत भी जुड़ी है।
67 मैच के बाद आया पहला T20I शतक
श्रेयस अय्यर को अपने पहले टी20 इंटरनेशनल शतक के लिए 67 मैचों का इंतजार करना पड़ा। इतने लंबे इंतजार के बाद जब उनके बल्ले से शतक निकला तो उन्होंने इसे बेहद आक्रामक अंदाज में पूरा किया। अय्यर ने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और पारी आगे बढ़ने के साथ उनके शॉट्स में आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। 43 गेंदों में शतक पूरा करना उनकी बल्लेबाजी की गति और आक्रामकता को दर्शाता है।
102 रन की नाबाद पारी के दौरान अय्यर ने 10 चौके और 6 छक्के लगाए। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। भारत ने उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और आठ विकेट से मुकाबला अपने नाम किया।
इकाना में दिखा लंबे इंतजार का नतीजा
अय्यर का यह शतक उनके टी20 करियर के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस प्रारूप में उन्हें लंबे समय से एक बड़ी पारी का इंतजार था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार मौके मिलने के बावजूद वह टी20 इंटरनेशनल में तीन अंकों तक नहीं पहुंच पाए थे। ऐसे में लखनऊ की पारी उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने वाली पारी भी साबित हुई।
इस पारी में अय्यर ने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि अपनी बल्लेबाजी का एक अलग अंदाज भी दिखाया। उन्होंने जरूरत के मुताबिक स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर पहुंचाने में कोई गलती नहीं की। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने छक्के के साथ अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक पूरा किया।
शतक की नींव इकाना में नहीं, घर पर रखी गई थी
श्रेयस अय्यर की इस ऐतिहासिक पारी का एक दिलचस्प पहलू यह है कि इसकी तैयारी मैच वाले दिन इकाना क्रिकेट स्टेडियम में नहीं हुई थी। इस पारी की नींव उनके घर पर हुई करीब दो घंटे लंबी बातचीत में रखी गई थी। यह बातचीत भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर के साथ हुई थी।
अय्यर और नायर के बीच हुई इस बातचीत में बल्लेबाजी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई। करीब दो घंटे तक चली बातचीत ने अय्यर को मानसिक रूप से तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। मैच में उतरने से पहले अपने खेल को लेकर स्पष्ट सोच और सकारात्मक मानसिकता बनाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण रहा।
अभिषेक नायर के साथ बातचीत ने बदली सोच
अभिषेक नायर और श्रेयस अय्यर एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं। नायर लंबे समय तक भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच भी रह चुके हैं और अय्यर के साथ उनका काम करने का अनुभव रहा है। ऐसे में दोनों के बीच हुई बातचीत केवल तकनीकी पहलुओं तक सीमित नहीं रही होगी, बल्कि बल्लेबाज की मानसिक तैयारी पर भी इसका असर पड़ा।
टी20 क्रिकेट में बल्लेबाज पर लगातार तेजी से रन बनाने का दबाव रहता है। ऐसे में तकनीक के साथ-साथ सही मानसिकता भी बेहद जरूरी होती है। अय्यर की 102 रनों की नाबाद पारी में यही आत्मविश्वास दिखाई दिया। उन्होंने शुरुआत से ही परिस्थितियों को समझते हुए बल्लेबाजी की और फिर मौका मिलने पर तेजी से रन बटोरे।
टीम इंडिया के लिए भी बड़ी राहत
श्रेयस अय्यर का फॉर्म में लौटना भारतीय टीम के लिए भी बेहद सकारात्मक संकेत है। टी20 क्रिकेट में मध्यक्रम की भूमिका काफी अहम होती है और अय्यर के पास लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है। ऐसे में उनका आक्रामक अंदाज टीम के बल्लेबाजी क्रम को और मजबूत कर सकता है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में अय्यर ने जिस तरह की बल्लेबाजी की, उससे टीम इंडिया को आने वाले मुकाबलों में भी काफी उम्मीदें रहेंगी। उनका शतक ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम टी20 क्रिकेट में अपने बल्लेबाजी विकल्पों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
43 गेंदों का शतक, लेकिन कहानी दो घंटे की बातचीत की
श्रेयस अय्यर की पहली T20I सेंचुरी को केवल 43 गेंदों में बनाए गए 102 रनों के आंकड़े से नहीं समझा जा सकता। इसके पीछे 67 मैचों का लंबा इंतजार, लगातार मेहनत और खुद को मानसिक रूप से तैयार करने की प्रक्रिया शामिल रही। अभिषेक नायर के साथ उनके घर पर हुई करीब दो घंटे की बातचीत ने इस पारी की नींव तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
लखनऊ में जब अय्यर ने बल्ला उठाया तो उस बातचीत का असर उनकी बल्लेबाजी में नजर आया। नतीजा सामने था—43 गेंदों में शतक, 102 रन नाबाद और भारत की आठ विकेट से शानदार जीत। अय्यर के लिए यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद हासिल किया गया आत्मविश्वास भी है।