शिल्पा शेट्टी ने साझा की अपनी दिली ख्वाहिश, चाहती हैं कि उनके बच्चे उन्हें ओटीटी के बजाय बड़े पर्दे पर देखें। जानें अभिनेत्री के भविष्य के प्रोजेक्ट्स के बारे में।
बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा ने हाल ही में अपने करियर और जीवन को लेकर एक बेहद भावुक और व्यक्तिगत इच्छा साझा की है। शिल्पा, जो दशकों से दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं, अब बड़े पर्दे पर एक पूर्ण नाटकीय रिलीज (theatrical release) के साथ वापसी करना चाहती हैं। उनका यह निर्णय पेशेवर से अधिक व्यक्तिगत है। शिल्पा का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा यह है कि उनके बच्चे, बेटा वियान और बेटी समीशा, उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म या मोबाइल की छोटी स्क्रीन पर नहीं, बल्कि सिनेमाघर के बड़े पर्दे पर देखें।
बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव की चाह
शिल्पा ने एक बातचीत में बताया कि उनके बच्चों ने आज तक उन्हें बड़े पर्दे पर फिल्म देखते हुए नहीं देखा है। हालांकि, उनके बेटे वियान ने 2023 में उनकी फिल्म ‘सुखी’ देखी थी, लेकिन वह अनुभव भी एक ‘प्रीव्यू थिएटर’ तक सीमित था। शिल्पा के लिए यह अनुभव पूर्ण नहीं था। वह चाहती हैं कि उनके बच्चे उस शोर, उस माहौल और उस बड़े पर्दे के जादू को महसूस करें जो एक थिएटर रिलीज के साथ आता है। उनके अनुसार, यह न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि एक मां के तौर पर वह चाहती हैं कि उनके बच्चे उनकी मेहनत को उसी भव्यता के साथ देखें जो सिनेमा का असली सार है।
ओटीटी बनाम थिएटर: एक अभिनेत्री का नजरिया
शिल्पा शेट्टी ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के महत्व को नकारा नहीं है। वह मानती हैं कि ओटीटी आज के दौर में एक बेहतरीन माध्यम है, जहां लोग अपनी सुविधा के अनुसार फिल्में खोज सकते हैं और देख सकते हैं। हालांकि, उन्होंने ‘सुखी’ की रिलीज के समय के संदर्भ में कहा कि उस फिल्म को पर्याप्त थिएटर नहीं मिले थे, जो फिल्म के साथ एक प्रकार का अन्याय था। वह मानती हैं कि एक अभिनेत्री के तौर पर, अब वह ऐसी परियोजनाओं की तलाश में हैं जो सिनेमाघरों तक पहुंचे। वह अपनी पसंद को लेकर बहुत स्पष्ट हैं और वह कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहतीं जिससे उन्हें समझौता करना पड़े। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने करियर में बहुत कुछ किया है, इसलिए अब वह स्क्रीन पर तभी दिखना चाहती हैं जब उनका किरदार और प्रोजेक्ट उनके स्तर का हो।
फिल्मों का चुनाव और निर्णय लेने की क्षमता
अपने करियर के इस पड़ाव पर शिल्पा बहुत ही सोच-समझकर फैसले ले रही हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने कई बड़ी फिल्मों को भी ठुकराया है, लेकिन उनके कारण केवल उनके और निर्माता के बीच ही रहते हैं। शिल्पा का मानना है कि उन्हें अपने फैसलों पर कभी कोई पछतावा नहीं होता। वह कहती हैं, “मैंने अपने निर्णयों को हमेशा उचित ठहराया है और मैं इसके बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने में विश्वास नहीं रखती।” यह दर्शाता है कि शिल्पा आज के दौर में व्यावसायिक दबाव में काम करने के बजाय अपनी संतुष्टि और गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रही हैं।
बहुमुखी करियर: फिल्मों से रियलिटी शो तक
शिल्पा शेट्टी का करियर केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा है। हाल ही में वह कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ में नजर आई थीं, जिसमें ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इससे पहले, उन्होंने ओटीटी सीरीज ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ में भी अपना जलवा बिखेरा था। वर्तमान में, वह ‘मां है ना’ नामक कुकिंग रियलिटी शो की मेजबानी कर रही हैं, जो उनके प्रशंसकों को बेहद पसंद आ रहा है। वे न केवल एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, बल्कि एक सफल टीवी पर्सनैलिटी भी हैं।
भविष्य की ओर एक नई उड़ान
शिल्पा का यह सपना कि उनके बच्चे उन्हें पर्दे पर देखें, वास्तव में एक प्रेरणादायक संदेश है। आज के डिजिटल युग में, जहां सिनेमाघर का अनुभव धीरे-धीरे बदल रहा है, शिल्पा की यह चाहत उन लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक संकेत है जो सिनेमा के उस पुराने दौर को याद करते हैं। शिल्पा अपनी फिटनेस, अनुशासन और अपने काम के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती हैं। जब वह कहती हैं कि वह बड़े पर्दे पर वापस आना चाहती हैं, तो उनके प्रशंसक उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले समय में उन्हें कुछ ऐसी फिल्में देखने को मिलेंगी जो पूरी तरह से थिएटर के अनुभव के लिए बनी हों।
शिल्पा शेट्टी का यह सफर स्पष्ट करता है कि सफलता का अर्थ केवल फिल्में करना नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत और पेशेवर लक्ष्यों के बीच सही संतुलन बनाना है। उनके बच्चे, वियान और समीशा, यकीनन अपनी मां को बड़े पर्दे पर देखने के लिए उतने ही उत्साहित होंगे जितने कि उनके प्रशंसक। शिल्पा का यह नया संकल्प आने वाले समय में भारतीय सिनेमा में एक नई ऊर्जा और उत्साह लाने वाला साबित हो सकता है।