भारतीय ऑलराउंडर शशांक सिंह ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ पर सहयोग न मिलने का आरोप लगाते हुए टीम छोड़ दी है। अब वह 2026-27 घरेलू सीजन में पुडुचेरी की ओर से खेलेंगे। जानिए पूरा मामला।
भारतीय घरेलू क्रिकेट के अनुभवी ऑलराउंडर शशांक सिंह ने आगामी 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन से पहले बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ टीम का साथ छोड़ दिया है। अब वह नए सत्र में पुडुचेरी की ओर से अतिथि खिलाड़ी (Guest Player) के रूप में खेलते नजर आएंगे। इस फैसले के पीछे उन्होंने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शशांक का कहना है कि चोट के दौरान उन्हें संघ की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला और टीम चयन में भी उनके साथ भेदभाव किया गया।
34 वर्षीय ऑलराउंडर ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) हासिल कर लिया है। पुडुचेरी टीम में उनके साथ मुंबई के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रसाद पवार भी अतिथि खिलाड़ी के रूप में शामिल होंगे।
चोट के दौरान नहीं मिला सहयोग
एक साक्षात्कार में शशांक सिंह ने कहा कि पिछले घरेलू सीजन के दौरान उन्हें कंधे में गंभीर चोट लगी थी और हाथ की उंगली भी फ्रैक्चर हो गई थी। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने उनके इलाज, पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) और फिटनेस को लेकर किसी प्रकार की मदद नहीं की।
उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में खिलाड़ियों को संघ के सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
प्री-सीजन कैंप और लीग से भी रखा बाहर
शशांक ने आरोप लगाया कि उनका नाम छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग 2026 में शामिल नहीं किया गया। इतना ही नहीं, बेंगलुरु में आयोजित प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप के लिए चुनी गई टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि उन्होंने इस बारे में संघ से कई बार कारण जानने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
शशांक के मुताबिक, चयन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता का अभाव रहा और उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि आखिर उन्हें टीम से बाहर क्यों रखा गया।
‘मुझ पर गलत आरोप लगाए गए’
शशांक सिंह ने दावा किया कि उन्हें यह कहा गया कि उनकी रुचि केवल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) खेलने में है और वह घरेलू क्रिकेट के लिए उपलब्ध नहीं रहना चाहते।
उन्होंने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता दी है और अपने प्रदर्शन से इसे साबित भी किया है।
उन्होंने याद दिलाया कि फरवरी 2025 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उन्हें लाला अमरनाथ पुरस्कार से सम्मानित किया था। यह पुरस्कार उन्हें 2023-24 घरेलू सीमित ओवर प्रतियोगिताओं के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के रूप में मिला था।
उनका कहना है कि इस उपलब्धि से स्पष्ट होता है कि वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे।
अब व्हाइट बॉल क्रिकेट पर रहेगा पूरा फोकस
शशांक सिंह ने कहा कि इस सीजन वह मुख्य रूप से व्हाइट बॉल क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करेंगे और फिलहाल रेड बॉल क्रिकेट से दूरी बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि उनका शरीर अभी पूरी तरह फिट है और वह अपनी गेंदबाजी को भी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।
शशांक ने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि वह टी-20 क्रिकेट में लगातार चार ओवर गेंदबाजी करें और बल्लेबाजी में भी टीम के लिए अहम योगदान दें।
उन्होंने कहा कि वह पुडुचेरी के अलावा आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए भी ऑलराउंडर की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
आईपीएल में मिला उतार-चढ़ाव
शशांक सिंह ने आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे सीजन में 350 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 153.51 रहा। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत पंजाब किंग्स फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थी।
हालांकि आईपीएल 2026 उनके लिए उतना सफल नहीं रहा। इस सीजन उन्होंने नौ पारियों में केवल 132 रन बनाए और पिछले सीजन जैसा प्रभाव नहीं छोड़ सके।
नई शुरुआत से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
पुडुचेरी से जुड़ने के बाद शशांक सिंह अपने करियर की नई शुरुआत करने जा रहे हैं। उनका मानना है कि नए माहौल में उन्हें बेहतर अवसर मिलेंगे और वह अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन कर पाएंगे।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ की ओर से फिलहाल शशांक सिंह के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि पुडुचेरी के लिए खेलते हुए शशांक सिंह किस तरह वापसी करते हैं और क्या वह एक बार फिर घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर पाते हैं।